लखनऊ। अपना दल (एस) के सिद्धार्थनगर की शोहरतगढ़ सीट से विधायक विनय वर्मा ने मंगलवार को पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में अपने समर्थकों के साथ धरना दिया।
भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल इस पार्टी ने अपने ही विधायक के धरने से किनारा कर लिया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल की ओर से जिला इकाई को पत्र लिखकर विधायक के इस धरने में शामिल न होने के निर्देश दि।
धरने में शामिल होने वाला अनुशासनहीन
प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है कि विधायक का धरना बिना पार्टी व मेरी अनुमति व स्वीकृति के आयोजित किया गया है। ऐसे में किसी भी पदाधिकारी या सदस्य को इसमें भाग लेने की अनुमति नहीं है।
पार्टी अनुशासन और नीति के तहत कार्य करती है और यह धरना पार्टी की आधिकारिक गतिविधि नहीं है। ऐसे में कोई भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी इसमें शामिल न हो। अगर वह धरने में शामिल होगा तो यह अनुशासनहीनता होगी।
विधायक पर नहीं हुई कार्रवाई
फिलहाल, अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने में बैठे विधायक पर अभी पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विपक्षी दलों की ओर से धरने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पार्टी ने यह जवाब दिया है। आगे पार्टी अपने विधायक के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी? इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने चुप्पी साध रखी है।
दरअसल, 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में पार्टी लगातार आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के पक्ष में खड़ी है और मौका मिलने पर सरकार को घेर भी रही है। ऐसे में अब विधायक के धरने के बाद भाजपा व अपना दल (एस) के बीच खींचतान से गलत संदेश न जाए इसलिए प्रदेश अध्यक्ष की ओर से पत्र जारी किया गया है।