जाने-अनजाने हम प्लास्टिक को.. इधर-उधर फेंकने से क्या हो सकते हैं नुकसान जाने
पलास्टिक से होने वाले प्रदूषण वायुमंडल से लेकर हमारे शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है!जाने-अनजाने हम प्लास्टिक को खा और पी रहे हैं और फेफड़ों में भी ले रहे हैं।
इससे स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है! भारत सरकार ने जब एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगाया, तब ऐसा लगा कि प्रदूषण से निजात पाने के लिए यह एक बेहतर फैसला लिया गया है!
इसके बाद सूती कपड़ों की थैलियों का उपयोग तेजी से प्रचलन में आया,लेकिन इसका प्रभाव लंबे वक्त तक नहीं रहा। एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के अधिक उपयोग करने में चीन और अमेरिका के बाद भारत का नंबर आता है!
पर्यावरण की स्वच्छता और मानव जीवन पर गहराता यह संकट एक विशाल रूप लेता जा रहा है। इस पर हमें एकजुट होकर विचार करना चाहिए!
हर साल पराली के जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार समाधान तो लाने की बात करती है, लेकिन वह भी कुछ खास उपयोगी साबित नहीं होता है। वर्तमान समय में प्रदूषण से निपटना बेहद जरूरी हो गया है,
क्योंकि अगर इसी तरह से प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो आम जन जीवन अधिक प्रभावित हो सकता है।
जल पर भी चर्चा
सरकार की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना जल निगम गांव गांव जल पहुंचने की योजना पर भी पलीता लगता दिख रहा है
देखा जाए तो गांव के जीवन से संबंधित यह जल की योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना थी किंतु गांव में सड़कों को तोड़ा गया और गांव में गंदगी का अंबर लगता चला गया
आज तक इस योजना के सफल अनावरण में बहुत सी कमियां देखने को मिलती हैं जिन सड़कों को तोड़ा गया उनकी मरम्मत नहीं हो पाई है और जल का निकास भी उचित नहीं है आज के समय में जब टंकी का पानी आता है
तो पूरे गांव में सड़कों पर बहता है जिससे जल प्रदूषण की भी समस्या पैदा हुई है और जल का अधिक दुरूपयोग भी हो रहा है शासन को इस और ध्यान आकर्षित कर की जरूरत है
जिससे पानी का अत्यधिक दोहन ना हो और हम आपको भी आवाज उठानी चाहिए सड़कों की मरम्मत की जाएगा और जल निकास का उचित प्रबंध हो