आजम खान की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 21 अक्टूबर को सुनवाई करेगा
रामपुर : आजम खान ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश में चल रहे सभी मुकदमों का ट्रायल राज्य से बाहर कराने की मांग की है. उनका मानना है कि यूपी में उनके खिलाफ इतने मुकदमे दर्ज हैं कि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय मिलने की संभावना नहीं है.
दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया था. हालांकि, आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर की,
जिस पर अब 21 अक्टूबर को सुनवाई होगी. इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा दाखिल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को यूपी सरकार के हलफनामे पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है.
आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया था कि यूपी में उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या बहुत अधिक है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद कम है. इसलिए, सभी मामलों का ट्रायल राज्य से बाहर कराने की जरूरत है. इस मामले को लेकर राज्य सरकार और आजम खान के बीच कानूनी जंग जारी है. अब देखना होगा कि 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद क्या निर्णय सामने आता है.
आजम खान के वकील ने बताया कि इन 12 केसों में भैंस चोरी, बकरी चोरी, 5 हजार की लूट, बर्तन चोरी, पायल चोरी जैसे आरोप हैं. साजिश के तहत ये आरोप आजम खान पर लगाए गए थे. उनपर आरोप लगाया गया कि जो लोग यतीम खाने में रह रहे थे, उनके घर तोड़े गए और उनके घरों से भैंस, बकरी और तमाम चीजों की लूटपाट की गई.
गौरतलब है कि 2019 और 2020 में आजम खान के खिलाफ 90 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से कम से कम 35 मामले अब भी विचाराधीन हैं. आजम खान के वकील के अनुसार, इन केसों में भैंस चोरी, बकरी चोरी, 5 हजार की लूट, बर्तन चोरी, पायल चोरी जैसे आरोप हैं
आजम पर आरोप है कि जो लोग यतीम खाने में रह रहे थे, उनके घर तोड़े गए और उनके घरों से भैंस, बकरी और तमाम चीजों की लूटपाट की गई. सपा नेता को पिछले साल फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में दोषी ठहराया गया था और जेल भेजा गया था. वह फिलहाल सीतापुर जेल में है.