नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद बरेली बारादरी थाना क्षेत्र में 16 नवंबर को मॉडल टाउन पुलिस चौकी क्षेत्र में संजय नगर रोड पर कुमार बारात घर के पास मोटरसाइकिल सवार दो अभियुक्तों के द्वारा रूपवती पत्नी प्रेम शंकर निवासी संजय नगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उक्त मामले में पुलिस ने सार्थक पुत्र रंजीत निवासी संजय नगर थाना बारादरी एवं सागर पुत्र पप्पू निवासी सिकलापुर मिट्ठू मल को गिरफ्तार करते हुए
उनके कब्जे से एक तमंचा बाद दो जिंदा कारतूस 315 बोर के बरामद किया गिरफ्तार किए गए सार्थक पुत्र मनजीत ने पूछताछ में बताया कि रूपवती संजय नगर स्थित हमारी ही गली में रहती थी। उनका हमारे परिवार से बहुत पुराना विवाद चल रहा था। वह आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद करती रहती थी
और मेरे परिवार वालों को जान से मरवाने की धमकियां दे ती रहती थी। इसी बीच अप्रैल 2024 को मेरी बहन पल्लवी अचानक घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली उस समय हम लोगों ने उसका पोस्टमार्टम वा पंचायतनामा की कार्रवाई नहीं कराई,
पल्लवी मेरी इकलौती वहन थी, उसी दिन से मेरे दिल और दिमाग में यह बात बैठ गई कि मेरी बहन की हत्या रूपवती ने ही करवाई है ,क्योंकि उस समय हमारे पास कोई ठोस सबूत नहीं था ,इस वजह से हमने रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। लेकिन मैंने अपने मन में रूपवती से बदला लेने की बात ठान ली यह बात मेरे दिमाग में तब और घर कर गई। जब नई बस्ती माधवबाड़ी के रहने वाले जगदीश
नामक तांत्रिक के द्वारा अभी मेरी बहन की मौत में किसी महिला के शामिल होने की बात बताई गई मैं जगदीश तांत्रिक से अप्रैल 2024 के महीने में ही मिला था ,इसके बाद मैं अपने साथ ही मित्र सागर पुत्र पप्पू निवासी सिकलापुर थाना कोतवाली और निखिल चंद्र निवासी मटकी चौकी थाना कोतवाली से संपर्क कर तमंचा और कारतूस का इंतजाम किया फिर मैं
अपने साथी सागर और निखिल चंद्र के साथ रूपवती को मारने की योजना तैयार की। रूपवती संजय नगर में कुंवर बैंकट हाल के पास नॉनवेज नाश्ते का ठेला लगती थी। मैं पहले से ही वहां पर खड़ा हुआ था। सागर मोटरसाइकिल चला रहा था और निखिल चंद्र पीछे बैठा हुआ था ।
पहचान ना हो सके इसलिए मैंने इन दोनों को हेलमेट लगाने के लिए कह दिया ,तमंचे का इंतजाम मैं उन लोगों को करके दिया था और दूर खड़े होकर मैने ही रूपवती की पहचान करवाई थी पीछे बैठे निखिल चंद्र ने रूपवती पर गोली चलाई और गोली मारने के बाद शमशान भूमि तिराहे की तरफ दोनों लोग भाग गए ।थोड़ी देर के बाद मैं भी उनके पीछे-पीछे वहां से चला गया था ।
असलाह और मोटरसाइकिल भागे हुए निखिल चंद्र के पास है ,काम पूरा होने के बाद मेरे द्वारा दोनों साथियों को ₹20000 देने के बाद तय हुई थी। घटना में प्रयुक्त नाजायज तमंचा बाद जो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जो की घटना में प्रयुक्त की गई थी मय काला हेलमेट के साथ दोनों को गिरफ्तार किया गया।