बिहार उपचुनाव में चारों सीट एनडीए के खाते में जमा हो गया।
इस चुनाव में प्रशांत किशोर पांडे की नवगठित पार्टी जनसुराज भी मैदान में डटी थी, लेकिन यह कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई।
बिहार में चार सीटों पर हुए उपचुनाव चुनाव में इंडिया गठबंधन को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
जब 2020 में चुनाव हुए थे तब महागठबंधन की जीत हुई थी ,ऐ 4 सीट में से तीन, रामगढ़, तरारी, और बेलागंज पर महागठबंधन सिर्फ इमामगंज में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राजद के उदय नारायण चौधरी को हराया था। लेकिन इस बार उपचुनाव में एनडीए ने चारों सीट हड़प ली है।
रामगढ़ - इस सीट पर हुए उपचुनाव में जनता दल यूनाइटेड की मनोरमा देवी ने राजद के विश्वनाथ कुमार सिंह को 21, 39्1 वोट से हराकर बेलागंज के राजनीति में भूचाल ला दी। यहां मनोरमा देवी को 73,334 वोट और विश्वनाथ कुमार सिंह को 51,941 मत प्राप्त हुए। विश्वनाथ कुमार सिंह जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव के पुत्र हैं यहां से आठ बार विधायक रह चुके हैं।
इस वर्ष हुए लोक सभा चुनाव जीतने के बाद या सीट खाली हुई थी। सुरेंद्र यादव को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का बेहद नजदीकी रिश्ते रहे हैं। यह हॉट सीट राजद का अभेद किला माना जाता था। राजद का यह सीट बुरे दिनों में भी कोई भेद नहीं पाये थे, लेकिन इस बार बड़ा उलट फेर देखने को मिला।
इमामगंज --यह अनुसूचित जाति के लिए बहु प्रचारित आरक्षित सीट से केंद्रीय मंत्री जीता राम मांझी की पुत्रवधू और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन की पत्नी दीपा कुमारी ने इमामगंज से जीत हासिल की है।
उन्होंने राजद के रोशन कुमार को 5,945 वोट के अंतर से चुनाव हरा दिया है, दीपा को 53,435 वोट मिले जबकि राजद रोशन कुमार को 47,490 वोट हासिल हुआ है।
इस सीट पर जनसुराज पार्टी ने 37,103 बहुमत लाकर जनसूरज पार्टी का धमाकेदार दस्तक दी है। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी के लोकसभा चुनाव जीतने से या सीट खाली हुई थी, यह किला 24 वर्षों से एनडीए को खाता से जीत मिलता रहा है।
रामगढ़ --रामगढ़ का उप चुनाव परिणाम बेहद ही चौंकाने वाला रहा है। यहां से भारतीय जनता पार्टी के अशोक कुमार सिंह बसपा के सतीश कुमार यादव को 13,62 वोटो से हराकर राजद के प्रदेश अध्यक्ष का किला धाराशाही कर दिया। यहां अशोक कुमार सिंह को 62,257 वोट जबकि बसपा के सतीश कुमार यादव को 60,895 वोट हासिल हुए। यह सीट राजद के सुधाकर सिंह सांसद बनने पर खाली हुई थी।
यहां राजद के अजीत कुमार सिंह को 35,825 वोट मिले, बे यहां किसी भी राउंड में बढ़त नहीं बना सके।
तरारी ---भोजपुरी के तरारी विधानसभा सीट के उपचुनाव पर सबकी नजर टिकी हुई थी। यह इलाका वामपंथी आंदोलन का केंद्र रहा है यहां भाकपा माले के गढ के तौर पर देखा जाता रहा है, यहां भारतीय जनता पार्टी के विशाल प्रशांत ने इंडिया गठबंधन के भाकपा माले वाले से उम्मीदवार राजू यादव को 10,612 वोटो के अंतर से हराकर सनसनी पैदा कर दी।
विशाल प्रशांत को 78,755 वोट जबकि राजू यादव को 68,143 वोट मिले इस वर्ष संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाकपा माले के स्थानीय विधायक सुदामा प्रसाद ने जीत हासिल की थी जिसके बाद यह सीट खाली हुई थी।
विशाल प्रशांत बाहुबली पूर्व विधायक सुनील पांडे के बेटे हैं वे पहली बार चुनाव लड़ रहे थे इस सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रही प्रशांत किशोर की पार्टी जंसराज के किरण सिंह को 5,622 वोट हासिल हुई परिणाम के बाद राजू यादव ने कहा कि हम तरारी का जनता के लिए काम करते रहेंगे , मुद्दे सड़क पर उठाते रहेंगे।
राजनीतिक भविष्य जनसुराज और प्रशांत किशोर का --- इस उप चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज पर राजनीतिक विश्लेशको की पहली नजर थी। लेकिन कोई बेहतरीन प्रभाव नहीं छोड़ सकी। इस पार्टी का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस इमामगंज विधानसभा में देखने को मिला। उसके बाद बेलागंज में भी अच्छा प्रदर्शन करते दिख रहा है।
जनसुराज पार्टी का वोट 10.66% रहा।
जनसुराज वाले पूरे चुनाव में विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर हमलावर रहे जबकि सत्ता पक्ष में बैठे नीतीश कुमार पर हमलावर कम दिखें।