बिसौली में श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया
नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
*बिसौली*। प्राचीन रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव हुआ। जय कन्हैया लाल के उद्घोष से पूरा पंडाल भक्तिमय बन गया। भजनों पर भक्तगण जमकर झूमें ।श्री राधारानी प्रेम सेवा समिति द्वारा
कराई जा रही श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश जी महाराज ने कहा कि तजो रे मन हरि बिमुखन को संग। मन को यदि शुद्ध रखना है तो नास्तिकों का संग छोड़ दो। पांच ज्ञानेंद्रियां व पांच कर्मेंद्रियां तो शुद्ध हैंबस मन इन्हें भटका रहा है। मन को नियंत्रित करने के लिए अष्टांग योग जरूरी है। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान, धारप्णा, समाधि। यह योग हमें जीना सिखाते हैं।
जीवन जीने के लिए नियम जरूरी है। इसके बाद महाराज ने भक्त ध्रुव-पहलाद की कथा सुनाई। बताया कि प्रहलाद ने अपने पिता को नवधा भक्ति का ज्ञान दिया। इस दौरान मनोज यादव, मुकेश शंखधर, मुकेश यादव, अजीत सिंह, पवन गुप्ता, प्रदीप वार्ष्णेय और सुधाकर शर्मा, आकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।