ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज दोनों के पूर्व छात्र। 1956 में कैंब्रिज में प्रतिष्ठित एडम स्मिथ पुरस्कार के विजेता।

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ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज दोनों के पूर्व छात्र। 1956 में कैंब्रिज में प्रतिष्ठित एडम स्मिथ पुरस्कार के विजेता।

Thursday, December 26, 2024 | December 26, 2024 Last Updated 2024-12-27T03:06:20Z
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लोकतांत्रिक सदशयता, सभ्यता ,शालीनता, एक पूर्णता से भरे और बेहद प्रतिष्ठित जीवन, और 75 वर्षों के लंबे दौर में देश की अथक समृद्धि के दो पल देने वाले मनमोहन सिंह इस दुनिया में नहीं रहें। 

ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज दोनों के पूर्व छात्र। 1956 में कैंब्रिज में प्रतिष्ठित एडम स्मिथ पुरस्कार के विजेता।

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार,वित्त सचिव, आरबीआई गवर्नर ,योजना आयोग के उपाध्यक्ष वित्त मंत्री और प्रधान मंत्री।

मृदुभाषी ,शांतचित्तऔर हमेशा गरिमा से भरा उनका दृढ़ संकल्प था। मौजूदा प्रधानमंत्री रहते हुए ग्रामीण रोजगार, आदिवासी अधिकार, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए आरक्षण, प्राथमिक शिक्षा खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण से संबंधित क्रांतिकारी कानून मिले।

वह अपने 1991 92 और अन्य वस्तुओं के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था के टेक्नोक्रेट ट्रांसफार्मर थे।
आर्थिक उदारीकरण के शिल्पकार एवं जनक थे। 
उनके शासनकाल में जीडीपी ग्रोथ रेट सबसे उच्चतम रही। 
उन्होंने भारत की वैश्विक साख को बढ़ाया भारत - अमेरिका परमाणु समझौता एक मील का पत्थर था।

उनकी पहचान विनम्रता और सत्य निष्ठा थी। वे हृदय से सज्जन और सहनशीलता इंसान थे। उनके आत्मा में किसी के प्रति दुर्भाव, नफरत व द्वेष नहीं रहता था। वे भीषण से भीषण परिस्थितियों में भी वार्तालाप , सर्वसम्मति और सुलह की राजनीति में संपूर्ण विश्वास करते थे, और उसका पालन करने का तात्पर्य रहते थे।

 इस देश के सुपरमैन थे, देश को भुखमरी, कंगाली होने से बचाने वाले मनमोहन सिंह•••खामोश हो गए। 

इस देश में जितनी भी नीतियां आज के समय पर ग्रोथ कर रही है सब की नींव मनमोहन सिंह ने डाली ••••।
मात्र एक महीने में बजट बनाकर पेश करने वाले वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ••••है। पिछड़ता भारत आर्थिक परिस्थितियों से जूझते भारत से परमिट राज को खत्म करके विदेशी निवेश को बुलाने वाले थे मनमोहन सिंह••••।

भारतीय संस्कृति, सभ्यता ,प्राचीनता, और भारतीय महिलाओं के पारंपरिक वेशभूषाओं "सोना " 67000‌ किलो सोना गिरवी रखकर देश को कंगाल होने से बचाने वाले थे मनमोहन सिंह•••।
देश के आइटी हब बनाने वाले मनमोहन सिंह।

आधार कार्ड••• रोजगार गारंटी••• नरेगा••• खाद्य गारंटी••• शिक्षा के अधिकार जैसे लोक कल्याणकारी योजनाएं , आज तक देश में मनमोहन सिंह की बनाई पॉलिसी पर चल रही है••••अर्थशास्त्री हो मनमोहन सिंह जैसा•••!!

2004 से 2014 की निरंतर उन्होंने बिहार और भारत के बेहतरीन एवं फलदायक साल अथवा यूं कहे की स्वर्णिम दशक दिया।

यूपीए गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी रजद के नेता तथा कैबिनेट के सहयोगी रेल मंत्री के रूप में सकारात्मक पहल एवं आग्रह पर उन्होंने 2004 से 2009 की बीच बिहार के विकास कार्य के लिए 1लाख 44हजार करोड़ धनराशि मुहैया कराया।

कोशि विभीषिका के समय निवेदन पर तुरंत बिहार चले आए तथा हजारों करोड़ों की आर्थिक सहायता, राहत सामग्री एवं राशि प्रदान की।

आर्थिक रूप से आजाद भारत के सबसे सुनहरे दिन दिखाने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह।

आपकी नीतियों से विरोध, मतभेद रहा लेकिन आपकी ईमानदारी पर शक की गुंजाइश नहीं रही!

डॉक्टर साहब ये देश आपका उपकार कभी नहीं भूल पाएगा••••

      जमाना कर ना सका उसके कद का अंदाजा 
     वह जमाना था मगर सर झुका के चलता था !
डॉ मनमोहन सिंह जैसा अब फिर कोई नहीं होगा ♥️😥😥
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