सम्भल-चंदौसी बावड़ी में मिला खुदाई के समय मिला लाल पत्थर का फर्शव ।

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सम्भल-चंदौसी बावड़ी में मिला खुदाई के समय मिला लाल पत्थर का फर्शव ।

Wednesday, December 25, 2024 | December 25, 2024 Last Updated 2024-12-25T12:07:38Z
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सम्भल-चंदौसी बावड़ी में मिला खुदाई के समय मिला लाल पत्थर का फर्शव ।

संभल में बावड़ी का रहस्य खुलता जा रहा है। मोहल्ला लक्ष्मण गंज में पांचवें दिन बावड़ी की एक मंजिल तक लगभग पूरी खोदाई हो गई है। बुधवार 25-12-24 को एएसआई की टीम ने भी बावड़ी का सर्वे किया।

संभल में बावड़ी की एक मंजिल तक लगभग पूरी हुई खोदाई ,
संभल में बावड़ी का रहस्य खुलता जा रहा है। मोहल्ला लक्ष्मण गंज में पांचवें दिन बावड़ी की एक मंजिल तक लगभग पूरी खोदाई हो गई है। बुधवार 25-12-2024 को एएसआई की टीम ने भी बावड़ी का सर्वे किया।
संभल के चंदौसी में मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मण गंज में खाली प्लाट में मिली बावड़ी का रहस्य परत दर परत अब खुलने लगा है। 

पांचवें दिन खोदाई में बावड़ी की ऊपरी मंजिल साफ नजर आने लगी है। लाल पत्थर का फर्श दिखने लगा है। वहीं बुधवार को एएसआई की टीम ने मौके पर पहुंच कर बावड़ी का सर्वे किया है। बता दें कि 17 दिसंबर 2024 को मोहल्ला लक्ष्मण गंज में 150 साल पुराना खंडहरनुमा बांकेबिहारी मंदिर मिला था। 

बावड़ी की खोदाई के दौरान मिट्टी निकालते कर्मचारी,
सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थना पत्र देकर मंदिर के जीर्णोद्धार कराने और मंदिर के पास ही गली में स्थित खाली प्लाट में बावड़ी होने का दावा किया था। डीएम के आदेश पर उसी दिन खोदाई शुरू की गई तो बावड़ी अस्तित्व में आने लगी। रोजाना सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक खोदाई का कार्य चल रहा है। पांचवें दिन बुधवार को ऊपरी मंजिल का फर्श नजर आने लगा। 

लाल पत्थर का फर्श है। वहीं छह गेट नकासी बने हुए हैं। पांच गेट सादे हैं। इसके पीछे कमरे नुमा गलियारा है। दोपहर में पहुंची एएसआई की टीम ने फर्श से मिट्टी हटवाकर जांच पड़ताल की। फर्श से लिंटर की ऊंचाई करीब साढ़े दस फिट बताई जा रही है। बताया जाता है कि ऊपरी मंजिल के नीचे एक और मंजिल है, और उसके नीचे कुआं है। जिसके चारों ओर सीढियां बनी हैं।
बावड़ी का राज खोलने के लिए लगी 50 लोगों की टीम बनाई गई, 

बावड़ी का राज खोलने के लिए नगर पालिका परिषद के पचास लोगों की टीम कार्य में लगी है। जल निगम के जेई अनुज कुमार ने बताया कि बावड़ी का अस्तित्व सामने लाने के लिए पालिका के दो सेनेटरी इंस्पेक्टर, एक रेवन्यू इंस्पेक्टर, एक जेई की देखरेख में 30 मजदूर काम कर रहे हैं। एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी लगाया गया है।
खुदाई में बावड़ी की दीवार नजर आई

बता दें कि मोहल्ला लक्ष्मण गंज में बांके बिहारी मंदिर मिलने के बाद सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बांकेबिहारी मंदिर के जीर्णोद्धार कराने और मंदिर के कुछ दूरी पर गली में खाली प्लाट में बावड़ी होने का दावा करते हुए डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थनापत्र दिया था। डीएम के आदेश पर उसी दिन दोपहर में एडीएम न्यायिक सतीश कुशवाह के साथ तहसील और पालिका की टीम ने मौके पर पहुंच कर खुदाई शुरू की तो बावड़ी की दीवार नजर आई।
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