सेंटर फॉर इंटरनेशनल फॉरेस्ट्री रिसर्च एवं वर्ल्ड एग्रोफोरेस्ट्री तथा उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा में हुआ मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण का कार्यक्रम
रामपुर। सेण्टर फॉर इंटरनेशनल फॉरेस्ट्री रिसर्च एवं वर्ल्ड एग्रोफोरेस्ट्री (सीआईएफओआर-आईसीआरएएफ) तथा उत्तर प्रदेश वन विभाग (यूपीएफडी) के सहयोग से, 16 से 20 दिसंबर, 2024 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में एक महत्वपूर्ण मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में वन क्षेत्रों के बाहर वृक्ष (टीओएफआई) कार्यक्रम के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेन्सी (यूएसएआईडी) एवं भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की पांच साल की संयुक्त पहल है, जिसे सीआईएफओआर-आईसीआरएफ द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का प्रारम्भ दीप प्रज्ज्वलन करते हुए डॉ. नरेंद्र सिंह - वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी (कृषि विज्ञान केंद्र, रामपुर), डॉ. फैज़ मोहसिन-प्रोफेसर (कृषि विज्ञान केंद्र, रामपुर), डॉ. सुनीता पंत- वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि विज्ञान केंद्र, रामपुर), डॉ. आशीष कुमार - वैज्ञानिक (कृषि विज्ञान केंद्र, रामपुर) और श्री शिवशंकर यादव - रेंज ऑफिसर (रामपुर) ने किया।
कार्यक्रम में कुल 77 मास्टर ट्रेनरों ने भाग लिया। पांच दिवसीय गहन कार्यक्रम में कृषि वानिकी मॉडल, भारतीय वन नीतियां और नियम, कार्बन बाजार, नर्सरी प्रबंधन और अन्य पर्यावरण संबंधी विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए प्रतिभागियों को यूपीएफडी, सीआईएफओआर-आईसीआरएएफ और विभिन्न प्रतिष्ठित कृषि, बागवानी और वानिकी संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा कठोर तथा गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम के पूरा होने पर, ये नवनिर्मित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने गांवों से 100 किसानों को संगठित करने और उनके द्वारा सीखे गए ज्ञान को प्रसारित करने के महत्वाकांक्षी मिशन पर निकलेंगे, जिससे कृषि वानिकी पद्धतियों को अपनाने और उनके प्रसार को ज़मीनी तौर पर बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम को संचालित करने के लिए टीओएफआई (TOFI) टीम से विजय उपाध्याय, उज्ज्वल, नरेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, लल्लन कुमार वर्मा और रवि तिवारी मौजूद रहे।