बदायूँ जनपद के ग्राम मुड़िया सतासी में अखिल विश्व गायत्री परिवार मुड़िया सतासी के तत्वधान में निकली कलश यात्रा जिसमे आये आचार्य द्वारा सभी के लिए उपदेश दिया और कहा
शान्तिकुञ्ज प्राचीन भारतीय परम्परा के अनुरुप सयुंक्त परिवारों के प्रचलन को प्रोत्साहित करने वाला आदर्श केन्द्र है। यह व्यक्तित्व गढ़ने की ‘टकसाल’ है। जाति, सम्प्रदाय, धर्म, पन्थ आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर लोगों को यह जीवन जीने की कला सिखाता है।
उन्हें आत्मवादी जीवन जीने की प्रेरणा देता है। हर धर्म-वर्ग के लोग यहाँ आकर साधना करते हैं, शिक्षण लेले हैं। यहाँ शरीर, मन व अंतःकरण को स्वस्थ, समुन्नत बनाने के लिए अद्वितीय अनुकूल वातावरण एवं मार्गदर्शन मिलते हैं। यहाँ व्यक्ति को अन्धविश्वास, मूढ़मान्यता,
भाग्यवाद आदि से उठकर कर्मवादी बनने की प्रेरणा देता है। हर बात को तर्क-तथ्य और प्रमाण की कसौटी पर कसते हुए उसे विवेक पूर्वक अपनाने की प्रेरणा यहाँ दी जाती है।पंडित श्री राम शर्मा के बताए गए मार्गो पर चलने का आह्वान किया
जनकल्याण विश्वकल्याण के लिए की कामनाये के साथ दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन होगा । जिसका शुभारंभ आज शांतिकुंज से आये आचार्यो द्वारा किया गया इस मौके पर धीरेन्द्र सिंह (आचार्य) ,पप्पू सिंह, कमलजीत ,अजयपाल चन्द्रपाल सिंह अदि सभी ग्रामीण क्षेत्रवासी मौजूद रहे ।