26 वर्ष बीतने के बाद भी वारंट तामील करने में बदायूं पुलिस हुई नाकाम साबित
नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद बदायूं
चेक बाउंस के मामले में बदायूं पुलिस की हीला हवाली के कारण आरोपी पर मुकदमा चलने के 26 वर्ष बीतने के उपरांत और गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुआ।
स्पेशल जज एन आई एक्ट हरिहर प्रसाद यादव कई बार आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर चुके हैं, उसके बावजूद बदायूं पुलिस अभी तक आरोपी को वारंट तामील कराना तो दूर कोर्ट को इस बाबत जानकारी भेजना भी उचित नहीं समझा। अदालत में इस मामले में सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि तय की है।
कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास निवासी एनपी एग्रो इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर अग्रवाल ने वर्ष 1998 में सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि राज गंगा प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर( बदायूं) थाना उझानी बाजार कला निवासी बी एन शर्मा को कवरिंग रोल एवं खाली बैग सप्लाई किए थे। बी एन शर्मा के द्वारा ₹50000 का चेक अग्रिम तिथि का दिया गया था।
अग्रिम तिथि पर जब चेक बैंक में लगाया गया तो बैलेंस कम होने पर बैंक ने 4 जून 1998 को चेक बाउंस होने की सूचना दी। उसके उपरांत प्रार्थी के द्वारा संबंधित को नोटिस भेजा गया मगर नोटिस का जवाब देकर रकम वापसी से इनकार कर दिया गया। सीजेएम कोर्ट ने 21 मई 1999 को बी एन शर्मा को विचारण के लिए तलब किया।
लेकिन बी एन शर्मा अदालत में हाजिर नहीं हुए।जब से लेकर अब तक अदालत की ओर से कई बार पुलिस अधिकारियों को वारंट तामील करने के आदेश दिए गए। इस संबंध में 29 जुलाई 2022 और 9 दिसंबर 2024 को स्पेशल कोर्ट ने
पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखा मगर आरोपी को वारंट तमिल नहीं किया जा सका। अब सीजेएम कोर्ट के द्वारा पुलिस को वार्निंग देते हुए 16 जनवरी को बीएन शर्मा को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।