बाबा शिवचंद हरि की मृत्यु के बाद दो साधुओं के बीच की तनातनी आई सामने

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बाबा शिवचंद हरि की मृत्यु के बाद दो साधुओं के बीच की तनातनी आई सामने

Thursday, January 9, 2025 | January 09, 2025 Last Updated 2025-01-10T04:52:34Z
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बाबा शिवचंद हरि की मृत्यु के बाद दो साधुओं के बीच की तनातनी आई सामने


एक मंदिर पर कब्जे को लेकर दूसरे बाबा के पीछे थे हमलावर।।

18 वर्ष पहले भी हो चुकी है तीन साधुओं की हत्या,,

तहसील फरीदपुर जनपद बरेली के काली मंदिर परिसर में दो बाबो के बीच तनातनी चल रही है ऐसा ही एक विवाद सामने आया है। काली मंदिर के एक साधु पर कई बार हम लेकर आए गए पर वह अपनी किस्मत से बार-बार बचते रहे उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को के बाद बताई। अब इसी वजह से बाबा शिवचंद्र गिरी की हत्या होने की आशंका जताई जा रही है। काली मंदिर में दो कमरे बने हुए हैं दोनों में अलग-अलग दो साधु रहते हैं एक कमरे में रहने वाले अमित गिरी ने बताया कि मंदिर पर पूरा अधिकार जमाने के लिए दूसरा साधू उनको रास्ते से हटाना चाहता था इसके लिए उसने कई बार रात में हमले भी करवाये परंतु वह बार-बार बचते गये। बुधवार की शाम अमित गिरी पंचेषनाथ मंदिर पर सोने चले गए वहीं पर पहली बार काली मंदिर पहुंचे साधु शिवचंद्र गिरी उनकी जगह पर जाकर सो गए। इसी बात को लेकर अंशका जताई जा रही है 

कि शायद इसी धोखे में बाबा शिवचंद गिरी की हत्या कर दी गई हत्यारे अमित गिरी को करने के लिए आए थे। बाबा अमित गिरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को बताया कि बाबा शिवचंद गिरी को इलाके में कोई नहीं जानता था ।वह 10 दिन पहले ही पचौमी मंदिर पर रहने के लिए पहुंचे थे और बुधवार की शाम को उन्होंने मंदिर में बैठकर शराब पी जिससे वहां के महंत ने उनको मंदिर से बाहर जाने के लिए कह दिया इसी बात पर वह बुधवार की रात कली मंदिर पर सोने चले गए। 

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तीन ईंटें और डंडो को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है की काली मंदिर पर रहने वाला दूसरा साधू कई दिनों से मंदिर पर नहीं पहुंचा है पुलिस उसकी भी तलाश में जुटी है।

ग्राम पचौमी के गांव वालों के अनुसार गांव का मंदिर पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक है। पांडवों के बनाए गए पंचेश्वर नाथ मंदिर पर अब से 18 वर्ष पहले भी कई साधु संत रहते थे उस दौरान मंदिर पर डकैती भी पड़ी थी। जिसमें तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी ।तब उस खौफ में कई साधु यहां से चले गए थे। 

साधु की हत्या के मामले में चोरी एवं लूट आदि की स्थिति नहीं दिखाई दे रही है हत्या किसी कहासुनी या रंजिश की वजह से हुई लग रही है यह भी संभव है कि किसी और से रंजिश निकालने आए लोगों ने धोखा से इस बाबा की हत्या कर दी हो दो टीमें लगाई गई है, जल्द ही हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा ।
                 अनुराग आर्य 
            वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक 
                बरेली
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