भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने नई कृषि नीति को लेकर किया विरोध
बदायूं:- में आज तीन कानून वापिस लिए हुए फिर से नई कृषि नीति नाम से लागू करने जा रही है। केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे देश भर में तहसील मुख्यालय पर कापी जलाकर विरोध किया गया। बदायूं में बरेली मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना को 12 जनवरी की रात में ही भारी पुलिस बल ने उनके आवास चित्रांश नगर पर नजर बंद कर दिया।
मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना का आवास छावनी में तब्दील कर दिया गया। नायाब तहसीलदार ने दोपहर के 1:00 बजे ज्ञापन घर पर ही दिया। दर्जनों की संख्या में हरि टोपी धारी एकत्र थे ज्ञापन महा मिहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम संबोधन था।
इस अवसर पर मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा इस तरह नजर बंद करके हमारी मांगे न मानकर पूरी तरह मोदी सरकार तानाशाही पर उतारू है उन्होंने कहा नजर बंद करना आंदोलन को दबाना सरकार की हताशा है। उन्होंने कहा यह देश भर मैं आंदोलन हो रहा है
उन्होंने कहां देश के किसानों द्वारा 700 से अधिक कुर्बानी देकर अपनी जाने दे कर जिन किसानों ने 3 कानून कृषि बिल वापिस कर आए थे उन्हें फिर से नई कृषि नीति के नाम से लागू करने जा रही हैकेंद्र सरकार उद्योगपति पूंजी पतियों की कटपुतली बनकर कर रही है
काम इस अवसर पर सदर तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह व जिला उपाध्यक्ष ठाकुर अजयपाल सिंह बाबा जी ने कहा केंद्र सरकार किसान को देश के पूंजी पति उधोगपति के हवाले करने जा रही है। इस अवसर पर जिले के प्रमुख महासचिव नरेंद्र कुमार सक्सेना, ब्लॉक सलारपुर अध्यक्ष पप्पू सैफी, वरिष्ठ नेता दानवीर सिंह, यादव पाल, भंवर पाल सिंह, कल्लन मियां, तस्लीम गाजी, इरफान अली, बृजपाल, प्रजापति, ठाकुर कृष्णपाल सिंह,
अजब सिंह राजपूत समेत दर्जनों नेता सम्मिलित रहे तीन सूत्री ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधन नयाब तहसीलदार को सोपा नई कृषि नीति वापिस लेना व एमएससपी कानून बना कर देश किसानों को देना माननी य प्रधानमंत्री जी के
द्वारा वादा खिलाफ के खिलाफ जी किसानों ने जहर उगला केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की चित्रांश नगर में जाम जैसी स्थिति मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के आवास के सामने ज्ञापन सौंपा गया।