बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में "स्वतंत्रता के अमृतकाल में हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान"
बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में "स्वतंत्रता के अमृतकाल में हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान" के अन्तर्गत संविधान के निर्माण की प्रक्रिया, मौलिक अधिकार/कर्तव्य/राज्य के नीति निर्देशक तत्वों एवं संविधान में किए गए नवीन संशोधनों आदि के सम्बन्ध में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र के समक्ष शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करके हुआ | गोष्ठी में राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह ने संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संशोधन एवं मौलिक अधिकार,
कर्तव्यों के साथ ही राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि वर्तमान समय में भी भारतीय संविधान विश्व की अद्वितीय कृति है | राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने गोष्ठी में कहा कि संविधान एवं स्वयं को समझने के लिए अम्बेडकर को समझना आवश्यक है |
अम्बेडकर के विचार तत्कालीन समय के साथ ही वर्तमान में भी प्रासंगिक है | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि संविधान के नियमों से ही आज महिला सशक्तिकरण धरातल पर दिखाई देता है | महिलाओं के सामाजिक,
राजनीतिक एवं आर्थिक विकास में संविधान की अतिमहत्वपूर्ण भूमिका है | कार्यक्रम में गीता रानी, डॉ. गीता, नेमपाल सिंह यादव, दीप्ति रानी, तृप्ति आर्य, भगवान सिंह चौहान, भुवनेश कुमार, राजीव कुमार आदि शामिल रहे |