बहजोई में पर्युषण महापर्व का शुभारंभ, प्रथम दिन ‘उत्तम क्षमा’ पर हुआ विशेष आयोजन
बहजोई: श्री दिगंबर जैन मंदिर बहजोई में गुरुवार से पर्युषण महापर्व का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस को ‘उत्तम क्षमा दिवस’ के रूप में मनाया गया। प्रातःकाल श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन एवं दसलक्षण विधान का आयोजन हुआ, जो विद्वत आचार्य चंद्र कुमार जैन ‘शास्त्री’ मंडावरा, मध्य प्रदेश के निर्देशन में सम्पन्न हुए।
इस अवसर पर शास्त्री जी ने ‘उत्तम क्षमा’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षमा धर्म की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि
“क्षमा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हृदय की सच्ची भावना है। यह हमें क्रोध, द्वेष और अहंकार से मुक्त कर आत्मशुद्धि की ओर अग्रसर करती है। क्षमा का अभ्यास करने से न केवल आत्मकल्याण होता है, बल्कि समाज में सौहार्द, शांति और भाईचारे की स्थापना भी होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि हम दूसरों की गलतियों को सहन कर क्षमा कर दें, तो जीवन में आंतरिक शांति और आत्मिक संतोष स्वतः प्राप्त होता है।
सांयकालीन कार्यक्रम में सामूहिक आरती, णमोकार महामंत्र पाठ, प्रवचन एवं प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। इसके पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रथम दिन प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य नवनीत जैन, इंदिरापुरम को प्राप्त हुआ
जबकि दसलक्षण विधान में मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य अर्चना जैन, राहुल जैन को सपरिवार, चार दिशाओं के कलश स्थापना वीना जैन, सरिता जैन, नीलिमा जैन, स्वाति जैन द्वारा की गयी एवं शास्त्र स्थापना शैली जैन,
मितेश जैन द्वारा की गयी, विधान मांडना पर जैन सभा के अध्यक्ष सुनील जैन, रंजना जैन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर विधान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री दिगंबर जैन सभा बहजोई के महामंत्री सम्भव जैन ने किया।