दीपोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरु, पांच दिन मे कार्येयोजना प्रस्तुत करने का आदेश।अयोध्या। कार्तिक कृष्ण
चतुर्दशी के हिसाब से दीपोत्सव तो 19 अक्टूबर को है, किंतु इस पर्व की तैयारी अभी से ही शुरू हो गई। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर कार्यक्रम की प्रारंभिक रूपरेखा तय की गई।
बैठक में अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भावना के अनुरूप बताया कि इस बार का दीपोत्सव पिछले वर्षों की तुलना में और भी भव्य और ऐतिहासिक होगा।
दीपोत्सव की ख्याति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है, इसलिए इसे और आकर्षक बनाने की योजना बनाई जा रही है। राम की पैड़ी आयोजन का मुख्य स्थल होगा। यहां लेजर शो, ड्रोन शो और लाखों दीपों से सरयू तट जगमगाएगा।
पिछले वर्ष 25 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया था,
इस बार संख्या को लेकर जल्द ही अंतिम निर्णय किया जाएगा। प्रति वर्ष की तरह इस बार भी डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से दीपों की मैपिंग कराई जाएगी ताकि राम की पैड़ी का प्रांगण प्रज्वलित दीपों से अद्भुत एवं जीवंत दृश्यों का साक्षी बन सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि दीपक निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी होगी ताकि समय से लाखों दीप उपलब्ध कराए जा सकें। जिलाधिकारी ने दीपोत्सव की व्यवस्था में शामिल सभी विभागों के प्रतिनिधियों से पांच दिनों के अंदर कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया।
इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग पर कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि 15 अक्टूबर तक परिक्रमा मार्ग की सड़कों तथा प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाइट का कार्य अवश्य पूर्ण कर लिया जाय, जिससे श्रद्वालुओं को चलने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।