पत्रकारों के हितों को लेकर सात सूत्रीय मांग पत्र
रामपुर : ग्रामीण पत्रकारों एसोसिएशन के आव्हान पर उत्तरप्रदेश के सभी जिलों में सात सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी द्वारा आज प्रदेश भर में देने का कर्यक्रम में तहत
आज रामपुर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के लोग कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए और सात सूत्रीय ज्ञापन पर चर्चा की ओर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सोपा
पत्रकार प्रदेश के सुदूर अंचलों में आम जनमानस की समस्याओं को उठाने और शासन-प्रशासन तक पहुंचाने तथा शासन की विकासोन्मुख प्राथमिकताओं को अपने-अपने समाचार-पत्र के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं एवं कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीण पत्रकारिता को लोकतंत्र की सशक्त धारा को बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं और उनके कल्याण से जुड़ी निम्नलिखित मांगों पर शासन स्तर से गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना नितांत आवश्यक है-
1-ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के लिए राज्य मुख्यालय लखनऊ में शासन की ओर से अन्य संगठनों की भांति कार्यालय हेतु भवन का आवंटन दारुलसफा या ओसीआर में किया जाय। जिससे सुदूर जनपदों से आने वाले पत्रकारों को रुकने तथा प्रदेश स्तरीय बैठकें करने की समस्या का निदान हो सके।
2-मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह ही ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाय, ताकि वह और उनका परिवार मुफ्त कैशलेस इलाज करा सकें। इस योजना में केवल अखबारों में कार्यरत संवाददाताओं को शामिल किया जाय, जिनकी सूची जिला सूचना कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
3-ग्रामीण पत्रकारों को शासन स्तर से बीमा योजना में शामिल किया जाए। साथ ही लम्बे से आँचलिक पत्रकारिता कर रहे 60वर्षीय बुजुर्ग पत्रकारों को पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। इसकी भी सूची जिला सूचना कार्यालय के माध्यम से तैयार की जाय।
4-ग्रामीण पत्रकारों के विरुद्ध कोई भी प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व जिला पुलिस के किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से जांच की जाए ताकि पत्रकारों का अनावश्यक उत्पीड़न रोका जा सके।
5-राज्य एवं जिलास्तर पर स्थायी समिति की भांति तहसील स्तर पर भी प्रशासनिक अफसरों के साथ ग्रामीण पत्रकारों की नियमित बैठकें कराई जांय। शासन के निर्देशनुसार ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सभी संबंधित तहसील अध्यक्षों को इसमें अनिवार्य रूप से शामिल किया जाय।
6-प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत पत्रकार को किसान बीमा योजना की तरह तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाए. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 20लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाए, ताकि शोकग्रस्त परिवार को संकट की घड़ी में सहारा मिल सके। इसकी सूची भी जिला सूचना कार्यालय से तैयार की जाए।
7-ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले फर्जी पत्रकारों की सिनाख्त कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिला स्तर पर स्थायी समिति की बैठक बुलाकर असली और फर्जी पत्रकारों की पहचान की जाए तथा चिन्हित व्यक्तियों को नोटिस देकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
आपसे विनम्र आग्रह है कि उपरोक्त बिंदुओं पर सकारात्मक निर्णय लेकर ग्रामीण पत्रकारों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए, जिससे वे निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। ज्ञापन देने वालो में
राजीव वर्मा जिलाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह ,बिलासपुर तहसील अध्यक्ष दुर्वेश सिंह ठाकुर ,रोहित गुप्ता,मोहम्मद कासिम ,वीरेंद्र गुप्ता,लाखन सिंह राजपुर,इक़बाल, इकरार हुसैन,नवनीत शर्मा विकास वशिष्ठ धीरेंद्र गंगवार संजीव गुप्ता,शाहबाद के पत्रकार ,सहित कई पत्रकार शामिल रहे।