प्रेस नोट दिनांक 29.11.2025
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बदायूँ द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में जनपद में स्थित सभी बैंकों के मेनेंजरों के साथ गोष्ठी की गयी। गोष्ठी में सभी को डीजी परिपत्र व साइबर अपराध के विरूद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के सभी बिन्दुओं के सम्बन्ध में अवगत कराया गया ।
जनपद बदायूँ में बढ़ते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ द्वारा जनसामान्य को समय-समय पर जागरूक तथा थाना साइबर क्राइम एवं जनपदीय साइबर सेल जनपद बदायूँ को आवश्यक/त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जाता रहा है। जिसके क्रम में आज दिनाँक 29.11.2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बदायूँ, डा0 बृजेश कुमार सिंह तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर
विजयेन्द्र द्विवेदी द्वारा पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पडने वाले बैंकों के मैनेजरों के साथ गोष्ठी की गई । गोष्ठी के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ,बैंक ऑफ बडौदा,एक्सिस बैंक,पंजाब नेशनल बैंक ,एचडीएफसी बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक,यूनियन बैंक,इंडियन बैंक, कैनरा बैंक आदि बैंको के मैनेजर उपस्थित रहे।
गोष्ठी में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा की गई:
1.*साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण:-
बढ़ते 'फिशिंग', 'ओटीपी शेयरिंग', 'सिम स्वैपिंग' और अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों पर गहन चर्चा की गयी।
बैंकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने ग्राहकों को नियमित रूप से इन धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जागरूक करें और त्वरित शिकायत निवारण के लिए पुलिस के साथ एक 24x7 संपर्क प्रणाली (Contact System) स्थापित करें।
यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल साइबर सेल को दी जाए।
2. *भौतिक सुरक्षा (Physical Security) के उपाय:
सभी बैंक शाखाओं को निर्देश दिए गए कि उनके CCTV कैमरे उच्च गुणवत्ता के हों, हर समय क्रियाशील रहें, और उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
अलार्म सिस्टम (Alarm System) और स्ट्राइक बटन (Panic Button) को नियमित रूप से जांचने और पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बैंकों के गार्डों की तैनाती और उनकी नियमित जाँच पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। गार्डों को विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण दिए जाने का सुझाव दिया गया।
3. *कैश वैन (Cash Van) और ATM सुरक्षा:
कैश वैन की आवाजाही के दौरान पुलिस को पहले से सूचना देने और सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया।
ATM बूथों पर पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बैंकों को सतर्क किया गया।
4 *. जाली नोट (Counterfeit Currency) की पहचान:
बैंकों को सलाह दी गई कि वे जाली नोटों की पहचान के लिए कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षण दें और किसी भी जाली नोट पाए जाने की सूचना तत्काल कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को दें।
सभी बैंक प्रबंधकों को आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन बैंकों और उनके ग्राहकों की सुरक्षा के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। "सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। बैंक और पुलिस के बीच निरंतर और प्रभावी संचार ही अपराधों को नियंत्रित करने का एकमात्र तरीका है। इस दौरान क्षेत्राधिकारी उझानी/लाइन डा0 देवेन्द्र कुमार,प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल श्री हरेन्द्र कुमार व अन्य अधि0/कर्म0गण मौजूद रहे