सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में उ0प्र0 के तेजी से बढे़ कदम

Notification

×

All labels

All Category

All labels

सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में उ0प्र0 के तेजी से बढे़ कदम

Thursday, January 29, 2026 | January 29, 2026 Last Updated 2026-01-29T14:02:07Z
    Share
सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में उ0प्र0 के तेजी से बढे़ कदम
बदायूँ : 29 जनवरी। उ0प्र0 सरकार की डाटा सेंटर नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निजी निवेश को बढ़ावा देना और सुरक्षित डेटा भण्डारण क्षमता को बढ़ाना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में तेजी से उन्नति हो रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी 2021 में ष्उ0प्र0 डाटा सेन्टर नीति-2021ष् अधिसूचित की गई थी

 जिसके अन्तर्गत 03 अत्याधुनिक निजी डाटा सेन्टर पार्क्स विकसित करने तथा राज्य में 250 मेगावॉट डाटा सेन्टर उद्योग का विकास किये जाने का लक्ष्य था। इस नीति के अन्तर्गत 03 निजी डाटा सेन्टर पार्क्स विकसित करने तथा राज्य में 250 मेगावॉट डाटा सेन्टर उद्योग का विकास किये जाने के लक्ष्य को पहले वर्ष में अर्जित कर लिया गया है।

 प्रदेश सरकार द्वारा डाटा सेन्टर नीति को अधिक युक्तिसंगत बनाते हुए नीति को संशोधित किया गया है। इसके अन्तर्गत नीति के लक्ष्यों को उच्चीकृत किया गया है तथा पूर्व परिलक्षित, 03 डाटा सेन्टर्स के स्थान पर प्रदेश में रु0 30,000 करोड़ के अनुमानित निवेश से 900 मेगावॉट क्षमता तथा 8 डाटा सेन्टर पार्क्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में इस संशोधित नीति के अन्तर्गत परिलक्षित लक्ष्य रु0 30,000 करोड निवेश तथा 900 मेगावाट क्षमता के सापेक्ष, वर्तमान में 644 मेगावाट क्षमता सहित लगभग रु0 21,343 करोड़ के निवेश हेतु 6 डाटा सेन्टर पार्क्स तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाले 2 डाटा सेन्टर इकाइयों हेतु निवेशकों की निवेश परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। 

इनमें से 7 परियोजनायें परिचालनरत हो चुकी हैं। माह फरवरी 2023 में लखनऊ में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल रु0 1,36,124 करोड़ की निवेश परियोजनाओं हेतु 29 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये गये हैं।
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स उद्योग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 में अधिसूचित उ0प्र0 इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति को निवेश की दृष्टि से अपार सफलता प्राप्त हुई एवं नीति की अधिसूचना तिथि के 03 वर्ष के अन्दर ही

 निवेश के लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया गया। इस नीति के तहत रु0 20,000 करोड़ से अधिक निवेश का लक्ष्य प्राप्त किया गया तथा लगभग 3 लाख लोगों के रोजगार सृजित हुये। इस नीति के अन्तर्गत सैमसंग, हॉयर, हॉलिटेक, सनवोडा, वीवो, ओप्पो आदि प्रतिष्ठित निवेशकों द्वारा अपनी इकाईयों स्थापित की गई।

प्रदेश में ईकोटेक-6, सेक्टर-ई, ब्लॉक-सी, ग्रेटर नोएडा स्थित 100 एकड़ भू-क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। परियोजना हेतु एस.पी.वी. कम्पनी ष्मेसर्स टैग्ना इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेडष् की एंकर इकाई मेसर्स ओप्पो मोबाइल्स इण्डिया प्रा०लि० है, तथा इसमें 7 अन्य सदस्य इकाइयों हैं। यह परियोजना निर्माणाधीन है। 

प्रदेश सरकार ने नई इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 अधिसूचित कर प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्षेत्र में निवेश हेतु वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करने की पहल की है तथा अब सम्पूर्ण राज्य इस नीति के अन्तर्गत आच्छादित है। इसके अन्तर्गत रु0 40,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करने तथा राज्य में 03 सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। नीति के अन्तर्गत आई.सी.ई.ए. तथा

 इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से उत्पाद आधारित लीथियम-आयन हेतु एक सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स (सी.ओ.ई.) की स्थापना नोएडा स्थित सी-डैक परिसर में की गई है। नीति लक्ष्यों को युक्तिसंगत बनाने और अधिकाधिक निवेशको को आकर्षित किये जाने के उद्देश्य से निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप एवं अधिक आकर्षक बनाते हुए संशोधित नीति दिनांक 18 नवम्बर, 2022 को अधिसूचित की गई है।

उ0प्र0 इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 (प्रथम संशोधन) के अन्तर्गत कुल रु0 10634.83 करोड के निवेश तथा 1,14,463 से अधिक रोजगार सम्भावनाओं युक्त 37 परियोजनाओं की स्थापना हेतु अनुमोदन प्रदान कर निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया गया है। इस नीति के तहत लगभग रु0 2548.50 करोड़ के निवेश तथा 15918 से अधिक रोजगार सम्भावनाओं वाली 08 परियोजनाओं पर अनुमोदन प्रक्रियाधीन है।

प्रदेश में निवेशकों के लिए आवेदन एवं अनुमोदन प्रक्रिया हेतु एक डेडीकेटेड ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है और अप्रैल 2023 से निवेशकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। सरकार द्वारा इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्षेत्र के निवेशकों को रु0 459.79 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहनों का संवितरण किया गया है। वर्तमान में 02 निवेशको को लगभग रु0 42.61 करोड़ के प्रोत्साहन संवितरण के प्रकरण धनराशि स्वीकृति की प्रक्रिया के अधीन हैं तथा 18 अन्य प्रकरण अनुमोदन प्रक्रिया के अन्तर्गत हैं।
----
CLOSE ADS
CLOSE ADS
close