1180 स्वयंसेवकों संग हुआ खिचड़ी
सहभोज, सामाजिक समरसता का दिया संदेश
नगर के
प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मिलक में गुरुवार को हर वर्ष की भांति सामाजिक समरसता के प्रतीक मकर संक्रांति पर्व को अत्यंत हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिकों एवं स्वयंसेवकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान प्रदीप जी (पूर्व विभाग प्रचारक,
मुरादाबाद विभाग) रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. राजकुमार साहेश्वरी ने की। इस अवसर पर मिलक नगर संघचालक मान रामअवतार पाण्डेय जी भी मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता श्रीमान प्रदीप जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि मकर संक्रांति हिन्दू संस्कृति का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति और मानव जीवन में नई ऊर्जा एवं चेतना का संचार करता है।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ वर्ष 1925 से राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपरा का स्मरण कराते हुए कहा कि एक समय भारत विश्व गुरु था, जहाँ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालय और
शोध संस्थान थे। विदेशी यात्रियों ने भी भारतीय संस्कृति, सभ्यता और धर्म की प्रशंसा की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजकुमार साहेश्वरी ने कहा कि हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है।
उन्होंने सामाजिक समरसता और जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए समाज को संगठित एवं सशक्त बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में संघ परंपरा के अनुसार खिचड़ी सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 1180 स्वयंसेवकों के साथ नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने
सहभागिता की। उपस्थित प्रमुख लोगों में उपाध्यक्ष तुलाराम गंगवार, प्रबंधक सुरेश चंद्र गंगवार, सह-प्रबंधक हरिओम अग्रवाल, कपिलदेव अग्रवाल, बाबूराम गंगवार, योगेश कुमार बंसल, डॉ. राम बहादुर, कुलदीप गंगवार, संजीव गंगवार, ईश्वरी प्रसाद, प्रिंस गुप्ता, सुमित पटेल,
डॉ. विवेक, कमलेश कुर्मी, महीपाल, रामप्रकाश सेठ सहित अनेक लोग शामिल रहे। कार्यक्रम को प्रधानाचार्य आनंद पाल सिंह के निर्देशन में शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर के समस्त स्टाफ ने सफलतापूर्वक संपन्न कराया।