संत गाडगे महाराज को भारत रत्न देने की माँग ने पकड़ा जोर
रामपुर में स्मारक व जयंती पर राजकीय अवकाश की उठी आवाज
अखिल भारतीय धोबी महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले रविवार को मिलक स्थित श्री सुखलाल दिवाकर के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संत गाडगे महाराज के जनहित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें भारत रत्न दिए जाने,
जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने तथा जनपद रामपुर में भव्य स्मारक एवं पार्क निर्माण की माँग को लेकर जोरदार प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता के जनक संत गाडगे महाराज ने अपने जीवन को गरीब, मजदूर, बेसहारा,
दिव्यांग एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने धर्मशाला, सराय, विद्यालय, विश्वविद्यालय, गौशाला एवं अन्नक्षेत्र स्थापित कर समाज को नई दिशा दी। ऐसे महापुरुष को आज भी अपेक्षित राष्ट्रीय सम्मान नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
बैठक के उपरांत माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को संबोधित एक ज्ञापन भेजा गया, जिसमें निम्न प्रमुख माँगें रखी गईं
संत गाडगे महाराज को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किया जाए।
संत गाडगे जयंती के अवसर पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।
जनपद रामपुर में संत गाडगे महाराज का स्मारक एवं पार्क बनवाया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि इन माँगों की पूर्ति से न केवल धोबी समाज बल्कि समूचा समाज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करेगा।
जिलाध्यक्ष चरन सिंह के नेतृत्व में एकजुट हुआ समाज
बैठक व ज्ञापन कार्यक्रम का नेतृत्व चरन सिंह (एम.ए., एल.एल.बी.), जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय धोबी महासंघ, रामपुर ने किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो महासंघ प्रदेश-स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में अशोक कुमार दिवाकर, देवेश दिवाकर, मोहनलाल, रघुवीर सरन, अशोक कुमार, दिवाकर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला उपाध्यक्ष, जिला संरक्षक सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
सरकार पर बढ़ा दबाव
संत गाडगे महाराज को भारत रत्न दिलाने की माँग अब जनपद रामपुर से प्रदेश स्तर तक गूंजने लगी है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस माँग को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।