सड़क सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ।

Notification

×

All labels

All Category

All labels

सड़क सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ।

Tuesday, February 10, 2026 | February 10, 2026 Last Updated 2026-02-11T03:18:36Z
    Share
सड़क सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। 

बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वाधान में निर्माणाधीन महाविद्यालय परिसर में दूसरे एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें "सड़क सुरक्षा" विषय पर संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था। शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेवियों ने निर्माणाधीन महाविद्यालय प्रांगण की 

साफ सफाई के माध्यम से श्रमदान किया। शिविर के दूसरे सत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई जिसमें शिक्षाशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य यशपाल सिंह यादव ने स्वयंसेवियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं और उन्हें सतर्क रहने का संदेश दिया।

 उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। राजनीति विभाग के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह यादव ने ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के प्रयोग से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रकाश डाला।

 उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हिंदी के सहायक आचार्य विष्णुदत्त शर्मा ने सड़क सुरक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपायों के महत्व पर जोर दिया। 

उन्होंने कहा कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन न केवल पुलिस से बचने के लिए, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। किलकारी हॉस्पिटल, बहजोई के प्रसिद्ध शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ने स्वयंसेवियों के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग

 को रोकने और उनके सही उपयोग के प्रति लोगों को सचेत करते हुए बताया कि एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमणों के खिलाफ प्रभावी होती हैं, न कि सामान्य सर्दी-जुकाम या वायरल बुखार में। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बिना डॉक्टरी परामर्श के इन दवाओं का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकता है, 

क्योंकि इससे शरीर में 'एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस' (दवा प्रतिरोधक क्षमता) विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने स्वयंसेवियों को प्रशिक्षित किया कि वे आम जनता को दवा का पूरा कोर्स समाप्त करने के महत्व के बारे में बताएं, भले ही मरीज बीच में ठीक महसूस करने लगे। 

डॉ. अरुण के अनुसार, समय पर और सही मात्रा में ली गई दवा ही प्रभावी होती है, अन्यथा भविष्य में सामान्य संक्रमणों का इलाज करना भी असंभव हो जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों ने सहयोग किया जिसमें कार्यक्रम अधिकारी डॉ। गीता,

 यशपाल सिंह यादव, नेमपाल सिंह, रामतीरथ, विष्णुदत्त शर्मा, पूजा शर्मा, प्रीती शर्मा, भगवान सिंह चौहान, भुवनेश कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी ने सराहना की और इसे समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
CLOSE ADS
CLOSE ADS
close