बदायूं। पुलिस का एक और बड़ा खुलासा: HPCL डबल मर्डर कांड में 'दोस्त' ही निकले आस्तीन के सांप!
दोस्ती निभाई या मौत का रास्ता बनाया? मूसाझाग क्षेत्र के HPCL फैक्ट्री में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मुख्य आरोपी अजय को रास्ता दिखाने वाले और गेट खुलवाने वाले उसके दो साथी—धर्मेन्द्र यादव और मुनेन्द्र विक्रम सिंह—अब सलाखों के पीछे हैं।
कैसे रचा गया चक्रव्यूह?
गाड़ी का खेल: बुलेरो लूटी नहीं गई थी, बल्कि ड्राइवर धर्मेन्द्र ने खुद साजिश के तहत अजय को सौंपी थी।
गेट पास: मुनेन्द्र ने 'स्टाफ' होने का झांसा देकर गेट खुलवाया ताकि कातिल अंदर जा सके।
डिजिटल सबूत: कॉल रिकॉर्ड्स ने खोली पोल, हत्या से पहले तीनों के बीच हुई थी लंबी बातचीत।
इन दोनों ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का न सिर्फ साथ दिया, बल्कि फैक्ट्री के अंदर दाखिल होने के लिए गाड़ी और रास्ता भी मुहैया कराया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और ठोस सबूतों ने इनकी संलिप्तता की पुष्टि कर दी है ।