जनगणना एक सांविधिक गतिविधि, जनगणना 2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी

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जनगणना एक सांविधिक गतिविधि, जनगणना 2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी

Friday, March 13, 2026 | March 13, 2026 Last Updated 2026-03-13T13:48:17Z
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जनगणना एक सांविधिक गतिविधि, जनगणना 2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी
जनसंख्या ऑंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण आदि का आधार
बदायूँ : 13 मार्च। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बदायूँ के ऑडिटोरियम में जनगणना 2027 के लिए जनपद स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच के दूसरे दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो कि आगामी 14 मार्च तक चलेगा। जनगणना के इतिहास में पहली बार स्व-गणना पद्धति के अंतर्गत सामान्य परिवारों को यह सुविधा दी गई है कि वे सुरक्षित वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना अनुसूची भर सकें। द्वितीय बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 18 मार्च तक तथा तृतीय बैच का 23 से 25 मार्च तक निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि जनगणना एक सांविधिक गतिविधि है जो कि संघ सूची अनुच्छेद 246 तथा जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत संचालित की जाती है। जनगणना 2027, 1872 से 16वीं तथा स्वतंत्रता के पश्चात 8वीं जनगणना है, प्रगणक व पर्यवेक्षक इसकी रीढ़ है। जनगणना के ऑंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिए आधार बनते हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (2026) तथा द्वितीय चरण जनसंख्या की गणना (2027)मकान सूचीकरण, मकानों की स्थिति, सुविधाओं, परिसंपत्तियों की महत्वपूर्ण सूचना प्रदान करता है और जनसंख्या की गणना के लिए ढांचा भी बनाता है। जनसंख्या की गणना में प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत विवरण एक निश्चित संदर्भ दिनांक व समय पर दर्ज किया जाता है।
उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 में सेन्सस 2027 एचएलओ मोबाईल ऐप का उपयोग करते हुए डिजिटल डेटा संग्रह करने की ओर एक बड़ा परिवर्तन किया गया है, जिसमें एचएलओ का अभिप्राय मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य है। जनगणना 2027 में पहली बार स्व गणना प्रारम्भ की जा रही है, प्रगणकों को स्व-गणना के माध्यम से भरे गए डाटा को सबमिट करने से पूर्व डाटा की जाँच करनी होगी।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में डेटा नैतिकता, गोपनीयता, सुरक्षा और मोबाइल और वेब ऐप समस्याओं का निवारण ऐप उपयोग और डेटा सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें,जनगणना की प्रक्रिया, परिभाषाएं, हाउस लिस्टिंग, लेआउट मैप तथा आंकड़ा संकलन की विधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स एसके इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य संदीप भारती व एसके इण्टर कॉलेज के अध्यापक बृजेन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है, इसलिए जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपन्न कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना 2027 के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग एवं हाउस नंबरिंग की प्रक्रिया, परिवार विवरण अंकन, भवनों के चिन्हांकन तथा लेआउट मैप तैयार करने की विधि का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

 साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को प्रपत्रों को सही तरीके से भरने, सूचनाओं का सत्यापन करने आदि के संबंध में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनर्स की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें निर्देश दिए गए कि जनगणना से संबंधित कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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