बदायूं में फर्जी लूट की घटना का खुलासा....! 'लूट' की स्क्रिप्ट तो धांसू थी, पर मुजरिया पुलिस निकली 'असली डायरेक्टर'!
🎬🕵️♂️ सावधान! झाड़ियों में पैसे बोने से 'दोगुने' नहीं होते, जेल जरूर हो जाती है! 😂
थाना मुजरिया क्षेत्र में एक 'अनोखा' मामला सामने आया। रिकवरी एजेंट और मैनेजर ने मिलकर कंपनी के ₹1,15,520 गबन करने के लिए खुद ही लूट की झूठी कहानी गढ़ डाली।
कहानी शुरू हुई शाहजहाँपुर के 'हीरो' अभिनय मिश्रा से,
जिन्होंने सोचा कि कंपनी के 1.15 लाख रुपये हजम करने के लिए 'लूट' का ड्रामा रच देते हैं। साथ में पीलीभीत के मैनेजर साहब (विपिन) ने भी 'साइड रोल' निभाया।
ट्विस्ट क्या आया? झाड़ियों में पैसे छिपाकर पुलिस को फोन घुमाया कि "साहब, लूट हो गई!" लेकिन बदायूं की मुजरिया पुलिस की पारखी नजरों के सामने ये 'नौसिखिए कलाकार' टिक न सके। 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने न सिर्फ सच
उगलवाया, बल्कि झाड़ियों से वो 'गुमनाम गमछा' भी बरामद कर लिया जिसमें पैसे कैद थे।
नतीजा: अब दोनों कलाकार हवालात की 'ठंडी हवा' खा रहे हैं।
झूठी लूट का 'सच्चा' पर्दाफाश: मुजरिया पुलिस की बड़ी कामयाबी!
दिनांक 10.03.2026 को हुई कथित लूट की सूचना पर जब मुजरिया पुलिस ने गहराई से जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। वादी (अभिनय मिश्रा) ही लुटेरा निकला!
मैनेजर के साथ मिलकर रची गई इस साजिश का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर ₹1,15,520 शत-प्रतिशत बरामद कर लिए।
पुलिस टीम की इस मुस्तैदी ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है—कानून की नजर से बचना नामुमकिन है!