नव संवत्सर पर संघ का पथ संचलन राष्ट्रभक्ति का संदेश।
दयानंद एवं केशव बस्ती में हुआ पूर्ण गणवेश में संचलन।
बहजोई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में नव संवत्सर के उपलक्ष्य में नगर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
दयानंद बस्ती एवं माधव बस्ती का संयुक्त संचलन भगवंतपुर देवी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ सरस्वती शिशु मंदिर में संपन्न हुआ। दयानंद बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में नगर संघचालक अवनेश कुमार सर्राफ ने मुख्य वक्ता के रूप में नव संवत्सर के महत्व, भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्र निर्माण में संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि नव संवत्सर भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, जो हमें नवचेतना, नवसंस्कार और नवऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यह केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्ममंथन, संकल्प और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को पुनः
स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज में संगठन, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करना है, और ऐसे पथ संचलन कार्यक्रम समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा समाज में एकता, सद्भाव और सेवा के भाव को आगे बढ़ाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंकज आर्य ने की।
इस अवसर पर सह जिला कार्यवाह सम्भव जैन,
जिला व्यवस्था प्रमुख मनोज कुमार, नगर प्रचारक अमन भारत, नगर कार्यवाह लव कुमार शर्मा सहित चेतन कुमार सिंह, दीपक कुमार, मुकेश बुर्जवाल, जयदीप, यश, मोनू राघव, सुरेश, देवेश कुमार, दुष्यंत कुमार, दीपक वार्ष्णेय, मुकेश बुर्जवाल, राजीव कुमार, अमित, जयदीप, गोविंद, ऋषि मोबिल, विधुत आर्य, यश रस्तोगी, सुरेश रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।
वहीं केशव बस्ती का संचलन कृष्णमुरारी मनोरमा अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर से प्रारंभ हुआ। केशव बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में जिला बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सतीशचंद शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन देते हुए राष्ट्रसेवा, संस्कार एवं संगठन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में एडवोकेट अंशु गुप्ता, प्रशांत शर्मा, राजीव वार्ष्णेय, उमाकांत गुप्ता, कौशल, अरुण, ज्योतिष, विपुल जैन, सम्भव जैन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।