पाण्डुलिपियों व दुर्लभ ग्रंथों के वैज्ञानिक संरक्षण व डिजीटलीकरण हेतु होगा सर्वेक्षण

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पाण्डुलिपियों व दुर्लभ ग्रंथों के वैज्ञानिक संरक्षण व डिजीटलीकरण हेतु होगा सर्वेक्षण

Saturday, April 4, 2026 | April 04, 2026 Last Updated 2026-04-04T14:22:27Z
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पाण्डुलिपियों व दुर्लभ ग्रंथों के वैज्ञानिक संरक्षण व डिजीटलीकरण हेतु होगा सर्वेक्षण

बदायूँ: 04 अप्रैल। हमारी समृद्ध ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्त्वपूर्ण साक्ष्य, प्रचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण करने एवं उन्हें सुरक्षित रूप से भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन प्रारम्भ किया गया है।

 यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार ने दी है। जनपद में सर्वेक्षण कार्य ज्ञान भारतम मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क डाउनलोड हेतु उपलब्ध है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।

उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मन्दिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों, हस्तलिखित ग्रन्थों, ताड़पत्रों, भोजपत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की पहचान,

 सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे पाण्डुलिपियों को ज्ञान भारतम् पोर्टल के माध्यम से आमजन को उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य में सर्वेक्षक के रूप में शैक्षिक संस्थानों के अध्यापकों, 

विशेष रूप से संस्कृत,प्राचीन भाषाओं के अध्यापकों, इतिहास एवं पुरातत्व विषयों के अध्यापकों, जनपद में स्थित पुस्तकालयों एवं संग्रहालयों के अधिकारी व कर्मचारी, खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी,

 ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, मठ,मन्दिर,आश्रम,ट्रस्ट के प्रतिनिधि, एन०एस०एस० एन०सी०सी० के वॉलन्टियर्स, महाविद्यालय, विश्वद्यिालय के विधार्थीगण, विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों को नियुक्त किया जाएगा।
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