*नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर प्रेस कॉन्फ्रेंस संपन्न, महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम बताया
रामपुर। संत शिरोमणि दास गेस्ट हाउस में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विषय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, समान अवसर और राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमती सुनीता सिंह सैनी (सदस्य, महिला आयोग उत्तर प्रदेश), श्रीमती पारुल गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष, भाजपा रामपुर), श्रीमती पूजा शर्मा (नामित सभासद, नगर पालिका रामपुर) एवं श्रीमती डॉ. प्रियंका शुक्ला (कार्यकारी अध्यक्ष, श्री त्रिपुरेश्वरी मंदिर) प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के आयोजन में वक्ताओं ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लाया गया “ *नारी शक्ति वंदन अधिनियम”* भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह अधिनियम संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं के लिए
33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा।
उन्होंने बताया कि यह कानून केवल आरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक स्ट्रक्चरल रिफॉर्म है, जो महिलाओं को “भागीदार” से “निर्णायक” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज महिलाएं मतदान और सामाजिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, कई चुनावों में उनका मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा है तथा पंचायतों में लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद संसद और विधानसभाओं में यह अनुपात अभी भी कम है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करेगा।
उन्होंने महिला नेतृत्व के वैश्विक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां महिलाओं का नेतृत्व बढ़ता है, वहां अर्थव्यवस्था तेज़ी से विकसित होती है और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
पिछले 10 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए बताया गया कि 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खुले, मुद्रा योजना में लगभग 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम किए गए हैं।
सरकारी योजनाओं के प्रभाव को बताते हुए उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन के माध्यम से करोड़ों घरों तक पानी, स्वच्छ भारत मिशन से महिलाओं के स्वास्थ्य व गरिमा में सुधार, तथा मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह तक बढ़ाने जैसे कदमों का उल्लेख किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि “विकसित भारत 2047” का सपना महिला नेतृत्व के बिना अधूरा है। यह अधिनियम सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त लोकतंत्र का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “जब नारी सशक्त होती है तो समाज सशक्त होता है और जब समाज सशक्त होता है तो राष्ट्र मजबूत बनता है।” साथ ही “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को भारत के उज्ज्वल, समावेशी और सशक्त भविष्य की आधारशिला बताया।
अंत में उपस्थित सभी महिला पदाधिकारियों एवं समाजसेविकाओं ने इस अधिनियम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस श्रीमती कोमल मित्तल जी श्रीमती मनु सक्सेना जी श्रीमती अनु मिश्रा जी श्रीमती मीना सिंह जी श्रीमती बीना अग्रवाल जी श्रीमती से सुनीता सिंह जी श्रीमती मुन्नी देवी जी आदि उपस्थित रहे।