बदायूं जिले के उसांवा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि दो बार पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
मुरारी लाल ने इस संबंध में थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूं को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की भी चेतावनी दी है। के उसांवा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया बदायूंहै। पीड़ित का कहना है कि दो बार पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
यह मामला उसांवा थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली का है। पीड़ित मुरारी लाल पुत्र रामनाथ ने बताया कि वह अपने गांव का मकान छोड़कर उसांवा में रहने लगा था, जिससे गांव की जगह खाली पड़ी थी। वह मजदूरी के लिए दिल्ली आता-जाता रहता है।
मुरारी लाल के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। जब मुरारी लाल को इसकी जानकारी हुई तो उसने मौके पर जाकर देखा कि महेन्द्र ने मकान के चारों तरफ खुदाई कर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया था।
पीड़ित ने बताया कि उसकी खाली जगह में दो पेड़ थे, जिनमें से जामुन का पेड़ काट लिया गया है, जबकि नीम का पेड़ बचा हुआ है। महेन्द्र ने अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है।
मुरारी लाल ने जब महेन्द्र से अपनी जगह पर अवैध कब्जा करने से मना किया, तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है।
यह मामला उसांवा थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली का है। पीड़ित मुरारी लाल पुत्र रामनाथ ने बताया कि वह अपने गांव का मकान छोड़कर उसांवा में रहने लगा था, जिससे गांव की जगह खाली पड़ी थी। वह मजदूरी के लिए दिल्ली आता-जाता रहता है।
मुरारी लाल के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। जब मुरारी लाल को इसकी जानकारी हुई तो उसने मौके पर जाकर देखा कि महेन्द्र ने मकान के चारों तरफ खुदाई कर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया था।
पीड़ित ने बताया कि उसकी खाली जगह में दो पेड़ थे, जिनमें से जामुन का पेड़ काट लिया गया है, जबकि नीम का पेड़ बचा हुआ है। महेन्द्र ने अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है।
मुरारी लाल ने जब महेन्द्र से अपनी जगह पर अवैध कब्जा करने से मना किया, तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है।
मुरारी लाल ने इस संबंध में थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूं को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की भी चेतावनी दी है।