प्रेस विज्ञप्ति
निदेशक प्रसार, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ ने कृषि विज्ञान केंद्र, दातागंज, बदायूं-II का भ्रमण किया एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में लिया भाग
दिनांक : 15.06.2026 | स्थान :
बदायूं। दिनांक 15 जून 2026 को डॉ. सत्येंद्र कुमार खारी, निदेशक प्रसार, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ ने कृषि विज्ञान केंद्र, दातागंज, बदायूं-II का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
भ्रमण के दौरान निदेशक प्रसार ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी प्रसार गतिविधियों एवं कृषक हितैषी योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा हरित विकास का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. (ई.) संजय कुमार, एसोसिएट डायरेक्टर (कृषि अभियंत्रण), डॉ. पंकज कुमार मेघवाल, वैज्ञानिक (कृषि प्रसार), डॉ. तंकित कुमार, वैज्ञानिक (गृह विज्ञान), मोहम्मद इर्तजा खान एवं श्री सत्येंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी वैज्ञानिकों ने अपने-अपने विषयों से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन (प्रोग्रेस रिपोर्ट) निदेशक प्रसार के समक्ष प्रस्तुत किए
तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में उनके दिशा-निर्देश प्राप्त किए। भ्रमण के अंतिम चरण में सह निदेशक कृषि अभियंत्रण डॉ. (ई.) संजय कुमार ने आने वाली खरीफ फसल के बारे में जनपद के कृषकों के यंत्रीकरण के बारे मे क्या प्रयास किए जा रहे हैं और लघु एवं सीमांत किसान जनपद में विभिन्न एफपीओ द्वारा संचालित कस्टम हायरिंग सेंटर का लाभ किस प्रकार ले सकते हैं इस दिशा में केंद्र द्वारा कृषि लागत को काम किए जाने के संबंध में काम किया जा रहा है।
अपने संबोधन में डॉ. सत्येंद्र कुमार खारी ने सभी कृषि वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि वे अपने विषय से संबंधित तकनीकों एवं नवाचारों को अधिक से अधिक कृषकों तक पहुँचाने का प्रयास करें, ताकि जनपद में कृषि उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में सुधार हो सके। उन्होंने ऐसी कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया
, जिनसे किसानों की आय में सतत एवं तीव्र वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने भूमि स्वास्थ्य सुधार के दृष्टिकोण से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं कम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक किसान को अपने खेत के कुछ हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी, भूमि की उर्वरता एवं जैविक गुणों में सुधार होगा तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
निदेशक प्रसार ने कृषक महिलाओं की भूमिका पर विशेष ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि उनके स्वास्थ्य, कार्य दक्षता एवं कृषि कार्यों में होने वाली शारीरिक कठिनाइयों को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने महिला अनुकूल कृषि तकनीकों, उपकरणों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर बल दिया, ताकि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को प्रोत्साहन मिल सके।
अंत में उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र को किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों के प्रभावी प्रसार से कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं समावेशी बनाया जा सकता है।
प्रेस विज्ञप्ति
कृषि विज्ञान केंद्र, दातागंज, बदायूं-II
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.)
दिनांक : 15.06.2026