आज़ादी के बाद एक बार बनी सड़क, अब दलदल में तब्दील : वाल्मीकि बस्ती के लोग नर्क भरी जिंदगी जीने को मजबूर।

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आज़ादी के बाद एक बार बनी सड़क, अब दलदल में तब्दील : वाल्मीकि बस्ती के लोग नर्क भरी जिंदगी जीने को मजबूर।

Friday, July 10, 2026 | July 10, 2026 Last Updated 2026-07-10T10:43:58Z
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आज़ादी के बाद एक बार बनी सड़क, अब दलदल में तब्दील : वाल्मीकि बस्ती के लोग नर्क भरी जिंदगी जीने को मजबूर।

संवाददाता आकाश बाबू वज़ीरगंज


बदायूँ। सहसवान तहसील के मोहल्ला चौधरी, नीची निन्होर स्थित वाल्मीकि बस्ती में विकास आज भी कोसों दूर है। लगभग 150 परिवारों वाली इस बस्ती में आज़ादी के बाद से सिर्फ एक बार सड़क बनी थी, जो अब पूरी तरह टूटकर तालाब में बदल चुकी है।
सड़क पर बहता है नाली का गंदा पानी


मोहल्लेवासियों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। नालियों का गंदा पानी दिन-रात सड़क पर भरा रहता है। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। कीचड़ और जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चे आए दिन कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। 

बदबू के कारण घर में बैठना मुश्किल है। डेंगू-मलेरिया का डर हर वक्त सताता है। बस्ती के लोगों ने बताया कि समस्या को लेकर 15 मार्च, 22 मई और 10 अगस्त 2026 को वार्ड सभासद, नगर पालिका EO और चेयरमैन को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि नगर के दूसरे मोहल्लों में सड़क मरम्मत का काम लगातार हो रहा है। निवासियों का आरोप है 

कि वाल्मीकि बस्ती होने के कारण जानबूझकर उनके मोहल्ले की अनदेखी की जा रही है। “क्या हम इंसान नहीं हैं हमारे बच्चों को बीमारी में झोंक दिया गया है। थक-हारकर अब मोहल्लेवासियों ने SDM सहसवान को ज्ञापन सौंपा है।

 उन्होंने मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई और तुरंत सड़क निर्माण का आदेश देने की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
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