रामचरितमानस से मिली समाज को प्रेरणा: राजेश कुमार शर्मा
संघर्ष पूर्ण रहा गोस्वामी तुलसीदास का जीवन: संजीव कुमार
बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग, बरेली में बुधवार को महान संत, कवि एवं रामभक्त गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। विद्यालय के आचार्यों एवं विद्यार्थियों ने तुलसीदास जी के जीवन, साहित्य और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धर्म, मर्यादा और लोकमंगल की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। उनकी अमर कृति रामचरितमानस ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को घर-घर पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। तुलसीदास जी का साहित्य आज भी समाज को सत्य, धर्म, त्याग, सेवा, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। बच्चों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया। आचार्य रामेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि तुलसीदास जी का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ विश्वास, भक्ति और कर्म के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमारपाण्डेय ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके जीवन को याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने आचरण में उतारना है। उन्होंने विद्यार्थियों से तुलसीदास जी के साहित्य का अध्ययन करने तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय आचार्य परिवार एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।