संवाददाता राजेश गुप्ता ब्यूरो चीफ बदायूं
दावों की खुली पोल: गाँव जगत में कूड़ेदानों के पास लगा कचरे का अंबार, महामारी की आहट*
ब्लॉक जगत के गाँव जगत में पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहे हैं। गाँव में स्वच्छता के नाम पर जगह-जगह कूड़ेदान तो लगवा दिए गए और जमकर वाहवाही भी लूटी गई, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन कूड़ेदानों की देखरेख और सफाई पर प्रशासन बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है।लगने के बाद से आज तक नहीं हुई सफाईमौके पर ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि जबसे ये कूड़ेदान गाँव में स्थापित किए गए हैं, तब से लेकर आज तक एक बार भी इनकी सफाई नहीं की गई। समय पर कचरा न उठाए जाने के कारण सभी कूड़ेदान पूरी तरह से गंदगी से लबालब भर चुके हैं और अब कचरा सड़कों पर फैल रहा है।बच्चे और राहगीर परेशान, बदबू से जीना मुहाल गाँव के निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि कूड़ेदानों की नियमित सफाई न होने से उनसे चौबीसों घंटे असहनीय बदबू आ रही है इस सड़न और दुर्गंध के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों को हो रही है। लोग मुँह पर कपड़ा ढककर निकलने को मजबूर हैं।बड़ा सवाल: फैलने वाली महामारी का जिम्मेदार कौन?गंदगी के इन ढेरों के कारण गाँव में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मच्छरों और मक्खियों के पनपने से ग्रामीण दहशत में हैं। ऐसे में ग्रामीणों का प्रशासन से सीधा सवाल है कि स्वच्छता के नाम पर बजट ठिकाने लगाने के बाद, जनता को इस नरकीय स्थिति में छोड़ने का जिम्मेदार आखिर कौन है?