दोपहर 1:16 बजे इंग्लिश मीडियम यूपीएस स्कूल में लटके मिले ताले, शिक्षक नदारद
संवाददाता प्रदीप कुमार की रिपोर्ट सहसवान
सहसवान में शिक्षा विभाग की निगरानी पर उठे सवाल, वीडियो के आधार पर डीएम से कार्रवाई की मांग
सहसवान (बदायूं)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं शिक्षा विभाग के कुछ शिक्षकों की कथित लापरवाही सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। इसका एक मामला सहसवान ब्लॉक के छोकरपुर स्थित इंग्लिश मीडियम यूपीएस स्कूल में सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजकर 16 मिनट पर जब स्कूल का जायजा लिया गया तो विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताले लटके मिले। स्कूल पूरी तरह बंद नजर आया और मौके पर कोई शिक्षक मौजूद नहीं मिला। जबकि निर्धारित समय के अनुसार शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति और बच्चों को शिक्षण कार्य कराया जाना अपेक्षित है।
विद्यालय बंद मिलने की घटना ने खंड शिक्षा अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर नियमित निरीक्षण और चेकिंग के बावजूद विद्यालयों में इस तरह की स्थिति कैसे सामने आ रही है? यदि शिक्षक निर्धारित समय से पहले ही विद्यालय बंद कर रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
मामले में एक और गंभीर सवाल यह है कि जब पत्रकार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने के लिए उनके सरकारी सीयूजी नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास करते हैं, तो फोन रिसीव नहीं किए जाते। ऐसे में विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी मुश्किल हो जाता है।
अब सवाल यह है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं? स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था की निष्क्रियता पर भी जवाबदेही तय होना जरूरी है।
वीडियो के आधार पर जिलाधिकारी बदायूं से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठ रही है।