-धूमधाम से मनाया गया श्री गीता जयंती समारोह।
- इस अवसर पर ग्रामीणों ने किया पौधारोपण।
वजीरगंज: कोटरा बाबा आश्रम पर चतुर्थ गीता जयंती समारोह को बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता की धर्मपत्नी शुभ्रा गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। वही ग्रामीणों ने मिलकर सामूहिक रूप से 11 फलदार पौधों का पौधारोपण किया।
जहां एक ओर इस तरह के आयोजन विलुप्त होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोटरा बाबा सेवा समिति के द्वारा श्रीगीता जयंती को कोटरा बाबा धाम पर बड़े धूमधाम से मनाया गया।
मंत्र उच्चारण के उपरांत बरेली से आए श्री ब्रह्म स्वरूप महाराज जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गीता के श्लोक की व्याख्या कर, कलयुग में श्री गीता जी के महत्व पर विशेष पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद को श्री मद भागवत गीता संजोकर रखा गया है। इस उपदेश के दौरान ही भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को अपना विराट रूप दिखला कर जीवन की वास्तविकता से उनका साक्षात्कार करवाते हैं, तब से लेकर अब तक गीता के उपदेश की सार्थकता बनी हुई है। श्री कृष्ण के उपदेशों के बाद अर्जुन का मोहभंग हो गया और उन्होंने गांडीव धनुष को धारण कर शत्रुओं का नाश करने के बाद फिर से धर्म की स्थापना की।
वही मंदिर के पुजारी अरुण मिश्रा जी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी लुप्त हो रही संस्कृति को बचाया जा सकता है, वहीं उन्होंने कहा मैं आपको 5 बिंदुओं में पूरी गीता का सार बता रहा हूं, पहला श्रीमद् भागवत गीता हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है। दूसरा यह विश्व का इकलौता ऐसा ग्रंथ है, जिसकी जयंती मनाई जाती है। तीसरा गीता मनुष्य का परिचय जीवन की वास्तविकता से करा कर बिना स्वार्थ काम करने के लिए प्रेरित करती है। चौथा गीता अज्ञान, दुख, मोह, काम क्रोध और लोभ जैसी सांसारिक चीजों से मुक्ति का मार्ग बताती हैं। और पांचवा गीता के अध्ययन, श्रवण, मनन-चिंतन से जीवन में श्रेष्ठता का भाव आता है।
आयोजक देवेश शंखधार एवं शिवओम शंखधार ने श्रीमद् गीता आरती समापन के उपरांत क्षेत्रवासियों को प्रसाद वितरण किया। इस शुभ अवसर पर विकास शर्मा, शीलू मिश्रा, नेत्रपाल सिंह, बृजेश वार्ष्णेय शिवम मिश्रा, प्रदीप चौहान, अमित शर्मा, बंटू पंडित, नंदन यादव, उदित मिश्रा आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
वजीरगंज से देवेश शंखधार की रिपोर्ट