निराश्रित गौवंशों के लिए उचित व्यवस्था करे सरकार : शंखधार
रामपुर/उत्तर प्रदेश
रामपुर(एन 24):भारतीय किसान संघ जनपद रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार के नेतृत्व में आज सोमवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसील मिलक पहुँच तहसीलदार राकेश कुमार सोनी से मुलाक़ात कर मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित एक ज्ञापन सौंपा।
जिसमें जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने बताया कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश का समस्त किसान गौवंश से होने वाली क्षति से जूझ रहा है। जिस कारण किसानों को आर्थिक व मानसिक पीड़ा को सहन करना मुश्किल हो गया है।
जबकि सरकार के द्वारा अनेक योजनाओं को चलाकर गौवंशों को रखने के लिए अनेकों प्रयास किए गए लेकिन कोई भी स्थाई समाधान नही हो सका।
जैसे कि जिला रामपुर की तहसील शाहबाद स्थित ग्राम किरा में बृहद गौ संरक्षण केन्द्र तथा ग्राम घारमपुर में सामुदायिक अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल का संचालन किया जा रहा है।
लेकिन इन दोनों स्थलों पर भूख और प्यास के कारण प्रति दिन एक दो गौवंश दम तोड़ रहे हैं। लेकिन अधिकारी कोई भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
इसी प्रकार तहसील मिलक के मोहल्ला नसीराबाद स्थित बृहद गौ संरक्षण केन्द्र का निर्माण भी एक करोड़ बीस लाख रुपये की लागत से किया गया है लेकिन उसकी चाहरदीवारी नहीं कराई गई थी।
चाहरदीवारी लिए भारतीय किसान संघ ने माँग की और उसके लिए नगर पालिका परिषद् मिलक के द्वारा उसकी चाहरदीवारी के लिए लगभग 58 लाख रूपये की राशि से कार्य कराया जा रहा है।
लेकिन इस गौ संरक्षण केन्द्र को शुरू करने में बहुत देरी की जा रही है। अगर इस गौ संरक्षण केन्द्र को जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाए तो उसमें गौवंश पहुँच जाएंगे और किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी।
ज्ञापन में कुछ सुझाव भी भेजे गए हैं जिसमें माँग की गई है कि अस्थाई व स्थाई गौशालाओं में गौवंशो की देखरेख की समुचित व स्वस्थ्य प्रणाली व्यवस्था स्थापित की जाए। जिसके कि भूख और प्यास के कारण किसी भी गौवंश की मृत्यु ना हो।
किसान द्वारा निराश्रित गौवंश को पालन हेतु सरकारी गौशाला से लेने हेतु मुक्त किया जाए। सरकार द्वारा गौवंशों के पालन हेतु अनुदान राशि में बढ़ोत्तरी की जाए। सरकारी चारागाह को कब्जा मुक्त कराकर पंचगव्य, अभियारण केंद्र स्थापित किए जाएं। जिससे कि जो भूमि खाली पड़ी हुई हैं उनका भी सदुपयोग होगा और गौवंश भी सुरक्षित रह सकेगा। इस अवसर पर जिला मंत्री राजवीर यादव, दयाराम आर्य, मथुरा प्रसाद दिवाकर, हुलसराय राठौर, वीरपाल गंगवार, डालचंद्र पाल, मिन्टू तिवारी, इरशाद हुसैन, लालता प्रसाद राठौर, प्रीतम सिंह यादव, बाँकेलाल, कृष्ण मुरारी शर्मा आदि किसान मौजूद रहे