जो जलसों में रो रहा है वो पठान नहीं हो सकता: नवेद मियां
रामपुर/ उत्तर प्रदेश
रामपुर(एन 24):
रामपुर, पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कटाक्ष किया कि जो जलसों में रो रहा है वो पठान नहीं हो सकता। पठान मर सकता है किसी के आगे रो या गिड़गिड़ा नहीं सकता। जो शख्स रामपुर के लोगों को भेड़िया बनने की सीख दे रहा है वो खुद नहटौर से आया है
और इस बार शेर मैदान में है और इस बाहरी नकली पठान को खदेड़ा जाना तय है। अब तो जलसों में लोग आजम की अदाकारी पर हंस रहे हैं। नवेद मियां ने जारी बयान में कहा कि आजम के मानसिक दिवालियापन की हालत यह है कि उप चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी नहीं है
और उसके द्वारा कांग्रेस के खिलाफ तकरीर की जा रही है। सपा शासन के इस तानाशाह को अब फिरऔन अच्छा लग रहा है। मुझे हैरत हुई कि उसने कल फिरऔन की प्रशंसा भी की। चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने के लिए इसके द्वारा अपने जलसों में भुज
और गुजरात का जिक्र किया जा रहा है। इसके जलसे में बैठी महिलाएं उस वक्त शर्मसार हुईं और उठकर चली गईं जब आजम ने कहा कि सपा शासन में बच्चे भी कोख से बाहर आने से पहले उसकी इजाजत लेते हैं। नवेद मियां ने कहा कि सपा के पक्ष में प्रचार के लिए रामपुर
आ रहे नेता भी आजम के जुल्मों में बराबर के हिस्सेदार हैं। यह लोग तब रामपुर क्यों नहीं आए, जब यहां सपा शासन में लोगों पर जुल्म ढाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब्दुल को सपा शासन में झूठे मुकदमों में जेल भेजा गया था। अब्दुल के मकान तोड़े गए थे, कारोबार छीने गए थे
और ज़मीनों को हड़पा गया था। अब अब्दुल अमन और चैन से जिंदगी गुजार रहा है। 8 दिसंबर से अब्दुल के अच्छे दिनों की शुरूआत होगी। अब अब्दुल राज करेगा। नवेद मियां ने कहा सजायाफ्ता होने
पर कोई अवार्ड देने का प्राविधान नहीं है, वोट का अधिकार वापस लेने का नियम है। इसे लेकर आजम का लोगों का गुमराह करना शर्म की बात है। आजम के झूठ पर सुप्रीम कोर्ट मुहर लगा चुका है