70 हजार किसानों को सम्मान निधि का इंतजार।
विभाग की अपील, 10 फरवरी तक अवश्य करा लें किसान ई-केवाईसी
बदायूं। जिले के करीब 70 हजार किसानों को सम्मान निधि का इंतजार है।
ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि करीब 40 हजार किसानों ने अपने खातों की ई-केवाईसी नहीं कराई है। वहीं 30 हजार किसानों को अन्य कारणों से योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। विभाग ने अब 10 फरवरी तक किसानों से ई-केवाईसी कराने को कहा है।
जिले में इस समय करीब 3.5 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। उनकी आखिरी किस्त भी खाते में आ चुकी है, लेकिन इस समय करीब 70 हजार किसान इससे वंचित चल रहे हैं।
सम्मान निधि को लेकर सरकार की ओर से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, लेकिन यह कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हालांकि सरकार ने ई-केवाईसी कराने की अलग से सुविधा जारी की है। बावजूद इसके किसानों को कई अड़चनें आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दो दिन से विभागीय साइट भी नहीं चल रही है तो तमाम किसानों के आधार कार्ड उनके खाते से लिंक नहीं हैं।
इससे उनकी सम्मान निधि रुकी हुई है। बताया जा रहा है कि फिलहाल दो दिन विभागीय साइट भी तकनीकी कारणों से नहीं चलेगी।
किसानों को परेशान कर रहीं बैंकें
किसान सम्मान निधि न मिलने की एक वजह जिले की बैंक भी हैं। केवल आधार कार्ड लिंक करने के लिए किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्हें कई-कई दिन तक बैंक के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इससे भी ई-केवाईसी कराने में देरी हो रही है।
इस तरह की अब तक कई शिकायतें आ चुकी हैं। इसके अलावा भी किसानों के सामने कई समस्याएं आ रहीं हैं। तमाम किसानों की जमीन ऑनलाइन अपडेट नहीं हैं। इससे भी उनकी किसान सम्मान निधि रुकी हुई है।
आठ हजार किसान मिले अपात्र, अधिकांश मृत
इस समय जिले में पिछले एक माह से किसान सम्मान निधि का सत्यापन चल रहा है। इस दौरान करीब आठ हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। उनमें अधिकतर अपात्र किसान मृत पाए गए हैं। इससे उनका नाम सूची से हटा दिया गया है।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
जिले के किसान अपनी ई-केवाईसी किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। इसके अलावा अधिकारिक वेबसाइट पीएमकिसान डॉट जीओवी डॉट इन पर जाना होगा। इसके पेज परफॉर्मर सेक्शन में ई-केवाईसी का ऑप्शन है।
उस पर ई-केवाईसी क्लिक करना होगा और फिर अपना आधार नंबर लिखना है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया करने के बाद केवाईसी पूरी हो जाएगी।
बोले किसान-
शुरुआत में हमारी छह किस्त आईं थीं। इसके बाद कोई किस्त नहीं आई। कई बार कृषि कार्यालय भी गए और बैंक के चक्कर भी लगाए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सब अधिकारी चक्कर लगवाते हैं लेकिन किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता।
- रामलखन, बाबई भटपुरा
हमारी पांच किस्तें आने के बाद कोई किस्त नहीं आई। बाद में हमारी सम्मान निधि नहीं आई तो हम कृषि कार्यालय भी गए थे। जनसेवा केंद्र भी गए थे, लेकिन किस्त का पता नहीं चला। कोई कहता है बैंक जाओ तो कोई कहीं भेजता है। काम नहीं करते। परेशान ज्यादा करते हैं।
- महेंद्र सिंह, कुलचौरा
जिन किसानों की सम्मान निधि रुकी हुई है, वे अपनी ई-केवाईसी कराएं या फिर बैंक जाकर अपना खाता चेक करें कि उनका आधार लिंक है
या नहीं। योजना का लाभ नए किसानों को नहीं मिलेगा। जिनके नाम पहले सूची में जा चुके हैं या फिर वारिसान के तौर पर किसानों को इसका लाभ मिलेगा।