कृषि आदानों को जीएसटी से मुक्त करे सरकार : शंखधार
रामपुर/उत्तर प्रदेश
रामपुर (एन 24):
रामपुर। भारतीय किसान संघ द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को भेजकर मांग की गई है कि कृषि आदानों को जीएसटी मुक्त किया जाए। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी हेमसिंह को ज्ञापन सौंपा गया है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 01 जुलाई 2018 से ‘‘एक देश-एक कर’’ नीति के आधार पर जी.एस.टी. लागू किया। देशभर में सभी उत्पादकों के लिए जी.एस.टी.
कानून के आधार पर कर (टैक्स) लागू किया गया। इसी कानून और जी.एस.टी. काउंसिल के निर्णय के अनुसार पशुशक्ति या मनुष्य शक्ति चालित कृषि यंत्रों के उपर जी.एस.टी. लागू नही होगी। यह एक अच्छा और स्वागत योग्य कदम है।
लेकिन आगे चलकर जितने भी आदान (INPUT) कृषि में उपयोग होते हैं उनके ऊपर 5 से 28 प्रतिशत तक जी.एस.टी. कर (टैक्स) लागू हो रहा है। जी.एस.टी. कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत सभी उत्पादकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है लेकिन किसानों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने की कोई व्यवस्था नही है।
इससे लगता है कि जी.एस.टी. काउंसिल किसानों के साथ जानबूझकर अन्याय करते हुए, सौतेला व्यवहार करता है। यदि किसानों को आदान पर जी.एस.टी. देना होता है तो उनको कानूनतः इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलना चाहिए। नही मिलने का अर्थ है
कि किसानों के शोषण करने की एक व्यवस्था काउंसिल ने बना रखी है। ऐसे तो कोविड़ के समय जब दुनिया बंद थी तब किसानों ने जान हथेली पर लेकर खेती करते हुए, बाजारों तक, रास्ते के किनारे बैठकर सभी को खाना उपलब्ध कराया। मगर मुनाफा नही कमाया।
फिर भी उनके साथ दोहरे शोषण की प्रक्रिया क्यों जारी है, यह हमारी समझ से परे है। इसलिए भारतीय किसान संघ ने गत 19 दिसंबर 2022 को दिल्ली के रामलीला मैदान में
उपस्थित लाखों की संख्या में किसान प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार को बताया था कि किसानों को इनपुट क्रेडिट उपलब्ध कराओं, नही तो सभी आदानों पर जी.एस.टी. को शुन्य करें। लेकिन हाल ही के बजट में इसका कोई संदेश देखने को नही मिला है।
खेती विशेषकर राज्य का विषय है। अलग-अलग प्रदेशों में भिन्न-भिन्न आदानों का उपयोग होता है। हमको जानकारी मिल रही है कि जी.एस.टी. काउंसिल की मीटिंग नजदीक में होनी वाली है
जिसमें हमारा उत्तर प्रदेश भी एक सदस्य है। इसलिए भारतीय किसान संघ मुख्यमंत्री से आग्रह करता है कि आप दूसरे प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री या वित्त मंत्रीयों के साथ तालमेल बैठाकर जी.एस.टी. काउंसिल में यह विषय उठायेगें और किसानों के सभी कृषि
आदानों पर जी.एस.टी. को शून्य कराने में सहयोग प्रदान करेगें और यह निश्चित करेगें कि किसानों के उपर जो दोहरा शोषण चल रहा है यह बंद हो। इस मौके पर गजराम सिंह, रामवीर सिंह, चौधरी
राजीव सिंह, राहुल भारद्वाज, राजन शर्मा, कमल कुमार तिवारी, प्रेमबहादुर गंगवार, राजेश लोधी, राजीव लोधी, रवि लोधी, फरीद अहमद, सदाकत हुसैन, कृष्ण मुरारी शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।