रामपुर में सरकारी अधिकारी की पद पर बैठे माफिया से किसान नेता को मिली जान से मारने की खुली धमकी
रामपुर /उत्तर प्रदेश
रामपुर(एन24): रामपुर, उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ ने कहा अब उत्तर प्रदेश में अब कोई माफिया किसी को जान से मारने की धमकी नहीं देगा। वही जनपद रामपुर में राजस्व विभाग के उप निबंधक के पद पर तैनात अधिकारी से किसान नेता को मिली
जान से मारने की खुली धमकी। जबकि किसान नेता के द्वारा इसकी सूचना जिलाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के बाद भी अभी तक उस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई जबकि थाने में उस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है
लेकिन प्रशासन अभी मौन है आखिर ऐसा क्यों। इसी को लेकर आज 19 अप्रैल 2023 दिन बुधवार को भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर मांग की है
कि उप निबंधक कार्यालय मिलक में तैनात उप निबंधक मोहम्मद वसीम अहमद द्वारा अपनी महिला मित्र अलका सिंह से फ़ोन पर जान से मारने, काटकर दो टुकड़े करने, पोस्टमार्टम कराने, पंचनामा भरवाने, गोली मारने आदि आदि तरह की धमकी दी गई थी।
जिसके सम्बन्ध में पुलिस की जॉच के दौरान धारा 506 तथा 120बी के तहत दोनों को आरोपी बनाया गया है। इसके सम्बन्ध में कई बार जिलाधिकारी रामपुर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
आदेश शंखधार ने कहा है कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कोई भी माफिया धमकी नहीं दे सकता लेकिन हमारे जनपद में सरकारी अधिकारी किसानों के प्रतिनिधि को फ़ोन पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दिला रहा है और उसके बाद भी वह अपनी सीट पर बैठकर सरकारी राजस्व को नुक़सान पहुंचा रहा है
। रौरा कलां की गाटा संख्या 102 तथा मेघानगला जदीद के गाटा संख्या 199 को कृषि भूमि में दर्शाकर बैनामा कराया गया है जबकि इन दोनों भूमियों पर आवासीय गतिविधि वर्षों पूर्व से संचालित की जा रही है।
अगर इन दोनों गाटा संख्या की जांच हो जाए तो लगभग बीस लाख रूपये से ऊपर की स्टाम्प कर चोरी पाई जाएगी। लेकिन ज़िम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने बताया कि मुझे उप निबंधक मोहम्मद वसीम अहमद व इनके मित्र प्रापर्टी डीलरों से जान का खतरा बना हुआ है।
मेरे साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है ऐसी संभावना बनी हुई है। प्रशासन से आग्रह है कि वह सुरक्षा मुहैया कराए अन्यथा की स्थिति में ज़िम्मेदारी रामपुर प्रशासन की होगी।