खंड विकास अधिकारी की अनदेखी का शिकार हो रहे गांव के किसान
जनपद रामपुर के ब्लॉक मुख्यालय चमरौआ में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। ब्लॉक मुख्यालय से लेकर क्षेत्र के गांव की सड़कों तक इन आवारा पशु व बन्दरो से रखवाली करते नजर आते हैं लोग।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इन्हीं सड़कों से अधिकारी निकलते हैं लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने से कतराते नजर आते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार जो अधिकारी विकासखंड मुख्यालय के आवारा पशुओं को गौशाला नहीं भिजवा पा रहे हैं वह गांव के किसानों की फसलों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दे सकते हैं। जैसा कि
आपको बताते चले कि जनपद में कई गौशाला होने के उपरांत गांव के किसान आवारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने में नाकामयाब है।
जो किसान इतनी लागत लगाने के बावजूद अपनी फसलों को तैयार करता है उसे आवारा पशुओं का झुंड आकर फसल को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ता।
क्षेत्रवासियो ने कहा कि जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्र सरकार किसानों के हित के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है
पर वह सभी योजनाएं ब्लाक चमरौआ में केवल कागजों पर ही कार्यरत है। विकासखंड चमरौआ के खंड विकास अधिकारी की अनदेखी का शिकार होते हुए किसान अपने हो रहे नुकसान के ऊपर आंसू बहाने को मजबूर है।
दनियापुर शंकरपुर, फतेहपुर, मगरमऊ, दीनपुर सहित कई ग्राम सभा के किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार एक तरफ हम सब किसानों के भले के लिए खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है
कि किसी भी गांव में कोई भी आवारा पशु नहीं दिखना चाहिए पर हमारे ब्लाक चमरौआ के अधिकारी हमारे दुख दर्द में भागीदार बनने की जगह नमक छिड़क रहे हैं।
हम सब अपना दुख दर्द किससे कहें जो अधिकारी अपने विकासखंड में मुख्यालय में आवारा पशु पाल रखे हैं वह हमारे दुखों का निवारण कैसे कर सकेंगे।
उच्च अधिकारियों से हम उम्मीद करते हैं कि हमारे दुख दर्द को ध्यान में रखते हुए आवारा पशुओं से निजात दिलाने की कृपा करें ।