अयोध्याः राम मंदिर में स्वर्ण जड़ित दरवाजे लगाने का काम पूरा, आखिरी द्वार की तस्वीर आई सामने, जानिए कितनी आई लागत

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अयोध्याः राम मंदिर में स्वर्ण जड़ित दरवाजे लगाने का काम पूरा, आखिरी द्वार की तस्वीर आई सामने, जानिए कितनी आई लागत

Wednesday, January 17, 2024 | January 17, 2024 Last Updated 2024-01-17T08:24:48Z
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अयोध्याः राम मंदिर में स्वर्ण जड़ित दरवाजे लगाने का काम पूरा, आखिरी द्वार की तस्वीर आई सामने, जानिए कितनी आई लागत


उत्तर प्रदेश। पूरा देश जिस दिन का इंतजार कर रहा है, राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय अब करीब आ रहा है। इसको लेकर अयोध्या में युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इन सबके बीच राम मंदिर में सोने से जड़े सभी 14 दरवाजों को लगाने का काम पूरा हो गया है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पर लिखा, “भगवान श्री रामलला सरकार के गर्भगृह में स्वर्ण मंडित द्वार की स्थापना के साथ ही भूतल पर सभी 14 स्वर्ण मंडित द्वारों की स्थापना का कार्य संपन्न हुआ।“


श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पर लिखा, “भगवान श्री रामलला सरकार के गर्भगृह में स्वर्ण मंडित द्वार की स्थापना के साथ ही भूतल पर सभी 14 स्वर्ण मंडित द्वारों की स्थापना का कार्य संपन्न हुआ।“


बताते चलें कि, राम मंदिर में सोने से जड़े 14 दरवाजे लगाए गए हैं। यह काम तीन दिनों में पूरा हुआ है। राम मंदिर में महाराष्ट्र से लाई गई सागौन की लकड़ी के दरवाजे लगाए गए हैं। सभी दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी लागत 60 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

दरवाजों पर अनेक प्रकार की कलाकृति उकेरी गईं हैं। राम मंदिर में पहला दरवाजा तीन दिन पहले यानी 12 जनवरी को लगाया गया था। आखिरी दरवाजे पर मयूर की आकृति को उकेरा गया है। दरवाजे के दोनों तरफ तीन-तीन मयूर आकृति बनाई गई हैं। जो देखने में बेहद आकर्षित हैं।


दरवाजों पर अनेक प्रकार की कलाकृति उकेरी गईं हैं। राम मंदिर में पहला दरवाजा तीन दिन पहले यानी 12 जनवरी को लगाया गया था। आखिरी दरवाजे पर मयूर की आकृति को उकेरा गया है। दरवाजे के दोनों तरफ तीन-तीन मयूर आकृति बनाई गई हैं। जो देखने में बेहद आकर्षित हैं। 


इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को कहा कि मैसूर स्थित अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई राम लला की एक नयी मूर्ति को अयोध्या में राम मंदिर में स्थापना के लिए चुना गया है और 18 जनवरी को इसे श्री रामजन्मभूमि तीर्थ पर गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

राय ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या धाम में अपने नव्य भव्य मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम और पूजन विधि 16 जनवरी से शुरू हो जाएगी, जबकि जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है, उसे 18 जनवरी को गर्भ गृह में अपने आसन पर खड़ा कर दिया जाएगा।



उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर 20 और 21 जनवरी को बंद रहेगा और लोग 23 जनवरी से फिर से भगवान के दर्शन कर सकेंगे


प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राय ने बताया, “ कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्राण प्रतिष्ठा दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगी। प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त वाराणसी के पुजारी श्रद्धेय गणेश्वर शास्त्री ने निर्धारित किया है। वहीं, प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कर्मकांड की संपूर्ण विधि वाराणसी के ही लक्ष्मीकांत दीक्षित द्वारा कराई जाएगी


उन्होंने बताया, “ पूजन विधि 16 जनवरी से शुरू होकर 21 जनवरी तक चलेगी। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम आवश्यक गतिविधियां आयोजित होंगी।” उन्होंने कहा कि राम लला की मौजूदा मूर्ति जो 1950 से वहां है, को भी नए मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा
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