नेताओं की सरपरस्ती में होते रहे कब्जे, सोया रहा आरडीए

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नेताओं की सरपरस्ती में होते रहे कब्जे, सोया रहा आरडीए

Saturday, February 3, 2024 | February 03, 2024 Last Updated 2024-02-03T13:03:27Z
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नेताओं की सरपरस्ती में होते रहे कब्जे, सोया रहा आरडीए

रामपुर। नेताओं की सरपरस्ती में रामपुर में जमीनों पर कब्जे होते रहे। शहर में बेशकीमती जमीनों के साथ ही बागों को काटकर भी प्लॉटिंग कर दी गई, लेकिन रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के अधिकारी सोए रहे।


 विधायक की शिकायत के बाद आरडीए की नींद टूटी तब कार्रवाई शुरू हुई। कार्रवाई की जद में अब तक सपा और भाजपा के नेता भी आ चुके हैं। उनके निर्माणों के साथ ही अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया।

15 अप्रैल 2005 को रामपुर विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। आरडीए के गठन के पीछे उद्देश्य था कि शहर में आवासीय कॉलोनी बन सकें और लोगों को आसान किस्तों पर मकान मिल सकें।


इसके अलावा आरडीए आय बढ़ाकर क्षेत्र को विकास की गति भी प्रदान करना चाहती थी, लेकिन आरडीए 18 साल बीतने के बाद भी लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। नई कॉलोनी बनाना तो दूर आरडीए शहर में अवैध निर्माण व अवैध प्लॉटिंग पर भी रोक नहीं लगा सका।

शहर के कई वीआईपी इलाकों में आरडीए की उदासनीता के चलते अवैध प्लाॅटिंग होती चली गई। अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा होने और उसकी खरीद फरोख्त होने का खामियाजा प्लाॅट लेने वाले अभी तक भुगत रहे हैं। कुछ माह पहले शहर विधायक आकाश सक्सेना ने रामपुर में अवैध तरीके से हो रही प्लाॅटिंग की शिकायत की।


 इसके बाद अफसरों की नींद टूटी और फिर कमिश्नर और डीएम के आदेश के बाद जांच पड़ताल शुरू की गई। जांच में सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम और उनके दोस्त भी फंस गए। उनके द्वारा की जा रही अवैध प्लाॅटिंग को लेकर मुकदमा भी दर्ज हुआ। इसी तरह पिछले दिनों भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता की ओर से की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी आरडीए ने कार्रवाई की थी।

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कई और सियासी दलों के नेता भी आरडीए के निशाने पर

सपा और भाजपा के साथ ही कई और सियासी दलों के नेता भी अवैध प्लाॅटिंग के मामले में फंस सकते हैं। शिकायत में कई सियासी दलों से जुड़े लोगों के साथ ही अन्य लोग निशाने पर हैं। इन पर भी आरडीए का बुलडोजर चल सकता है।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
आरडीए द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण व सीलिंग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। पिछले दिनों घाटमपुर में की गई कार्रवाई पर एक पक्ष ने आरडीए अफसरों पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी।


पिछले दिनों सेंटपाल्स स्कूल के पास आरडीए के अफसरों ने सिंचाई विभाग की जमीन पर बुलडोजर चलाया और दीवार तोड़ दी गई, लेकिन अवैध तरीके से बनी सीसी रोड और बिजली के खंभे नहीं हटवाए गए। कुछ इसी तरह बिलासपुर गेट और मंडी समिति के पास भी अनाधिकृत प्लाॅटिंग हो रही है।


तहसील रोड के मोड़ पर भी बाग से आम के पेड़ों को काटकर एक बिल्डिंग तैयार हो गई लेकिन, न तो वन विभाग के अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही आरडीए के अफसर।


रामपुर विकास प्राधिकरण अवैध कब्जों को लेकर हमेशा गंभीर रहा है। समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। आरडीए को जो शिकायत मिलती है

 उसी आधार पर कार्रवाई की जाती है। अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आरडीए लगातार कार्रवाई कर रहा है। हेम सिंह, सचिव आरडीए
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