मंदिर की संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने हेतु उप जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
रामपुर। जनपद की तहसील मिलक क्षेत्र के गांव गुलड़िया में बने मंदिर पर रह रहे बाबा शांतानंद पुरी का कहना है कि मंदिर पर मेरे गुरु बद्री दास एवं गुरु भाई निर्मल दास मेरे साथ रहते थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
वही मंदिर की पूजा अर्चना एवं मंदिर की आराजी की देखभाल किया करते थे। उनके साथ मैं भी रहकर मंदिर में पूजा पाठ एवं मंदिर की जमीन की देख रेख करता रहा हूं मुझे ज्ञात हुआ है
कि जनपद बरेली तहसील मीरगंज क्षेत्र के गांव मनकरी निवासी विवेक पुत्र गजराज सिंह कुछ समय से मढ़ी पर आकर रहने लगा। बाबा शांतानंद पुरी का कहना है कि वह मंदिर की आरजी को हेरा फेरी करके हड़पने की कोशिश करने लगा।
इस नियत में आकर उसने सबसे पहले बाबा निर्मल दास का अपहरण करवाया उसके पश्चात उसने मंदिर की संपत्ति को गलत तरीके से अवैध रूप सेअपने हक में लिखवाकर पंजीकृत करवा लिया जब कि इस संपत्ति को पंजीकरण में कोई गवाह तक नहीं मिला एवं उनका कहना है
कि मंदिर की संपत्ति का कोई पंजीकरण नहीं होता। बिना कोई गवाह के जमीन का पंजीकरण हो गया जिसको लेकर गुरु भाई साधु संत समाज के साथ एवं ग्रामीणों ने मिलकर उप जिलाधिकारी राजेश कुमार
मिलक को आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु ज्ञापन सौंपा तथा उपरोक्त मामले को लेकर न्याय की गुहार लगाई। धार्मिक स्थल की संपत्ति वापस की जाए।