रामपुर में प्रवाहित होने वाली नदियों में आगामी बरसात के दौरान संभावित बाढ़ के दृष्टिगत बचाव
*संवाददाता* मुस्कान अंसारी
*रामपुर*: रामपुर जिले की कोसी नदी में बाढ़ आने से नदी किनारे बसे गांवों में पानी घुस जाता है. शहर से सटे मोरी गेट और घाटमपुर में भी बाढ़ हर साल तबाही मचाती है.
अब इन गांवों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने ठोस कार्ययोजना बनाई है. जनपद में प्रवाहित होने वाली नदियों में आगामी बरसात के
दौरान संभावित बाढ़ के दृष्टिगत बचाव के लिए अब जियो ट्यूब का इस्तेमाल होगा. ट्रायल के तौर पर पिलाखार नदी से सटे स्वार के चार गांवों को चिन्हित किया गया है.
यह अहमदाबाद से खरीदी गई है. उच्च क्षमता के फाइबर और धागों से बना वाटरप्रूफ टेक्सटाइल ट्यूब है. 20 मीटर लंबा ट्यूब 3 मीटर व्यास का होता है.
पंप से इसमें पानी के साथ बालू भरी जाती है. पानी कपड़े से छनकर बाहर निकल जाता है. एक जियो ट्यूब में लगभग तीन हजार घन मीटर बालू आती है.