भागवत कथा में सुनाया कंस वध का प्रसंग

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भागवत कथा में सुनाया कंस वध का प्रसंग

Tuesday, May 21, 2024 | May 21, 2024 Last Updated 2024-05-21T13:25:51Z
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बिसौली-क्षेत्र के ग्राम शरह बरौलिया में  सिद्व बाबा आश्रम पर सोई वाले महाराज स्व. पूज्यपाद श्रीविदेह नन्दनी शरण महाराज जी की स्मृति में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन कथावाचक मणिश्वर भारद्वाज ने कंस वध का प्रसंग सुनाया।


 कंस वध के पश्चात भगवान श्री कृष्ण जी का वापस गोकुल आने पर माता यशोदा का श्री कृष्ण जी से पूछना कि क्या तुम्हें अपनी माता की याद नहीं आई तथा इस दौरान गोकुल की गोपियों की तरफ से रोजाना नया माखन त्याग कर श्री कृष्ण का इंतजार करना कि कब कान्हा

 गोकुल वापिस आए व माखन का भोग लगा उनके साथ पवित्र रास रचाए का भी वृतांत संगत को सुनाया। कथा के आखिर में भगवान श्री कृष्ण जी का रुक्मणी से विवाह की पूरी गाथा पर भी कथावाचक मनीश्वर महाराज जी ने रोशनी


डाली।भगवान श्री कृष्ण व रूक्मणी के विवाह का प्रसंग आते ही सभी श्रोताओं की तरफ से जयकारों लगाए गए व श्रोता खुशी से नाचने झूमने लगी।जिससे पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। कथा के दौरान सिद्व बाबा

 आश्रम के महंत सोहनदास महाराज,पण्डित श्याम पाल पाठक,किशन लाल कटिया,राजीव कटिया,सत्य पाल शर्मा,राजेश शंखधार,संतोष शर्मा रामविलास शर्मा,सुरेंद्र पाल शर्म,ठाकुर देवपाल सिंह,


सेवेंद्र सिंह,चंद्रपाल कोरी,रीना शर्मा विनोद शर्मा,विनीत कटिया,ज्ञान देवी,विवेक काष्ठुक, रामजी पाठक, हरद्वारी लाल कटिया उपस्थित रहे।
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