नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद।बदायूं। बगरैन ।जुलाई से शुरू हुए सावन मास के अंतर्गत पूरे महीने धर्म प्रेमियों ने कांवर और जलार्चना के रूप में शिव जी की पूजा अर्चना की। सावन मास की पूर्णिमा यानी आखिरी सोमवार 19 अगस्त तक शिव आराधना सुचारू रही।
ध्यान दें कि इसी दिन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन भी संपन्न हुआ था।इन्हीं प्रमुख पर्व परंपरा में अब कान्हा के जन्मदिन का इंतजार शुरू हो गया है ।अवगत करा दें कि जन्माष्टमी का पावन पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के अवसर पर मानते हैं ।
पौराणिक कथाओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस वजह से ही प्रत्येक वर्ष भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को ही जन्माष्टमी का उत्सव मनाकर व्रत रखा जाता है।
तथा अर्ध रात्रि में भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस साल जन्माष्टमी का मुहूर्त 26 अगस्त दिन सोमवार को पड़ रहा है ।
इसी के अंतर्गत जिले भर में कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारीयां शुरू हो गई हैं। जिसके बाद एकादशी तिथि पर जिले भर के सभी मुख्य देवस्थलों पर सजावट और कृष्णा उत्सव मनाया जाएगा।