अपने विचारों, वाणी और कर्मों में विनम्रता ही उत्तम आर्जव का सिद्धांत है: चन्द्र कुमार जैन शास्त्री
श्री दिगम्बर जैन मंदिर बहजोई में मनाया जा रहा है पर्युषण दसलक्षण महापर्व
बहजोई श्री दिगंबर जैन मंदिर बहजोई में पर्युषण पर धर्म के दसलक्षणों की पूजा करते हुए उत्तम आर्जव को अंगीकार करने की अपील की गई। सोमवार को नगर के मोहल्ला गोलागंज स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के
अंतर्गत दसलक्षण के तीसरे व चौथे लक्षण उत्तम आर्जव एवं उत्तम शौच सिंद्धांत के बिषय में स्वाध्याय एवं पूजन किया एवं पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्षकल्याणक दिवस मनाया। प्रातः काल में चंद्रप्रभु एवं पारसनाथ भगवान का अभिषेक शांति धारा की गयी
प्रथम अभिषेक का अवसर विभोर जैन एवं पारस जैन को प्राप्त हुआ। पँचमेरु, नवदेवता, नंदीश्वर जिनालय, सोलहकारण एवं दसलक्षण धर्म एवं चौबीस तीर्थंकरों की पूजन विधि विधान पूर्वक चंद्रकुमार जैन शास्त्री ललितपुर द्वारा संपन्न कराई गई।
रात्रि में सामूहिक आरती एवं णमोकार महामंत्र के पाठ आयोजन के बाद शास्त्री जी ने उत्तम आर्जव एवं उत्तम शौच बिषय पर प्रवचन करते हुए कहा कि दूसरों के साथ सहानुभूति और करुणा का व्यवहार ही उत्तम आर्जव धर्म है।
हमें अपने विचारों वाणी और कर्मों में विनम्रता का पालन करना चाहिए दूसरों की भावनाओं और आवश्यकताओं का सम्मान करना चाहिए और अपनी तुलना किसी दूसरे के साथ नहीं करना चाहिए, अपने जीवन में सरलता लाकर ही हम उत्तम जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
कहा कि अपने कर्मों को निष्कलंक और पवित्र रखना मन और शरीर को शुद्ध रखना एक श्रेष्ठ मानव जीवन की और जैन श्रावक की पहचान होनी चाहिए। इस अवसर पर धर्म के बिषयों पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छवि जैन ने प्रथम, आकांक्षा जैन ने द्वितीय एवं साक्षी जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर छाया जैन, सरिता जैन, पारुल जैन, विपुल जैन, संतोष देवी जैन, प्राची जैन, मीतेश जैन, राहुल जैन, आलोक जैन, संजय जैन, पारस जैन, विभोर जैन, अजितप्रकाश जैन, सपना जैन,
अंशुल जैन, रंजना जैन, स्वाति जैन, अजय जैन, अर्पित जैन, मोहित जैन, सुनीता जैन आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता जैन सभा के अध्यक्ष सुनील कुमार जैन एवं संचालन महामंत्री संभव जैन द्वारा किया गया।