उत्तम तप के चंदप्रभु भगवान का महामस्तकाभिषेक कर की विश्व मंगल कामना
बहजोई: श्री दिगम्बर जैन मंदिर में मंदिर में गत वर्ष की भांति मूलनायक भगवान आठवें तीर्थंकर श्री १००८ चन्द्रप्रभु भगवान का महामस्तकाभिषेक कर प्रतिष्ठा पूर्वक श्री चन्द्रप्रभु विधान का भव्य आयोजन कर विश्व मंगल की कामना की।
नगर के गोलागंज स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में श्री दिगम्बर जैन सभा बहजोई के तत्वावधान में सभी जैन समाज से जुड़े लोगों ने भादप्रद शुक्ल ग्यारस पर्युषण पर्व के उत्तम तप धर्म के दिन मूलनायक भगवान चन्द्रप्रभु जी का महामस्तकाभिषेक किया
, सर्वप्रथम सभी अभिषेक कर्ताओं को इंद्र रूप वेश एवं माला व मुकुट धारण कराये गए, प्रथम महामस्तकाभिषेक करने के लिए जैन सभा के अध्यक्ष सुनील कुमार जैन को सौधर्म इंद्र का पुण्यार्जक बनाया गया एवं शांति धारा का पुण्यार्जक प्रफुल्ल जैन को, ईशान इंद्र रिवान जैन,
आदि जैन, अंशुल जैन को बनाया गया। इस मौके पर उपस्थित सभी श्रदालुओं में पुरुष वर्ग को इंद्र एवं महिलाओं को इंद्राणी एवं बच्चियों को अष्ट कुमारियां की पदवी प्रदान की गयी, जैसे ही महामस्तकाभिषेक प्रारम्भ हुआ घंटे, घटियाल बजाए गए
संगीत की धुन पर इंद्राणियों ने मंगल पाठ का गायन किया यह दृश्य अद्भुत एवं मुख्य आकर्षण का केंद्र बना। तत्पश्चात श्री चंद्रप्रभु विधान एवं दसलक्षण विधान किया गया। प्रातः काल छह बजे से शुरू हुआ महोत्सव में दोपहर 01 बजे तक महामहोत्सव में बदल गया।
सभी ने इस अवसर पर भगवान से विश्व मंगल की कामना की जैन सभा के महामंत्री संभव जैन ने कहा कि आज जहां एक और दुनिया के कई देशों में युद्ध एवं अस्थिरता जैसा वातावरण बना है ऐसे में भगवान महावीर का संदेश जियो और जीने दो यह संपूर्ण पृथ्वी के लिए प्रासंगिक हो गया है। यह वर्ष भगवान महावीर का 2550वां निर्वाण वर्ष है,
हमें उनके संदेशो को जीवन में अंगीकार करना चाहिए।
इस अवसर पर सम्भव जैन ने बताया कि आज के विधान में
मुख्य मंगल कलश की स्थापना सुनील कुमार जैन व रंजना जैन द्वारा की गयी एवं चारों दिशाओं के मंगल कलशों की स्थापना क्रमशः शैली जैन, स्वाति जैन,
सुनीता जैन एवं रजनी जैन द्वारा की गयी। दीप स्थापना एवं प्रज्ज्वलन राशि जैन एवं मां सरस्वती की स्थापना साक्षी जैन द्वारा की गई। सभी विधान पूजन की क्रियाएं ललितपुर से आये डॉ चंद्र कुमार जैन शास्त्री के निर्देशन में समपन्न करायी गयीं, चन्द्र कुमार जैन द्वारा उत्तम तप धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि हमें अपने विचारों,
वाणी और कर्मों में उत्तम तप को धारण करना चाहिए। उत्तम तप जैन धर्म के दसलक्षणो में से एक है।
इस अवसर पर जैन समाज बहजोई के सभी लोग बड़ी संख्या में सपरिवार उपस्थित रहे।
आयोजन की अध्यक्षता सुनील कुमार जैन द्वारा व संचालन सम्भव जैन ने किया।