नगर पालिका परिषद खटीमा के कनिष्ठ लिपिक/प्रभारी अधिशासी अधिकारी श्री दीपक शुक्ला द्वारा नगर पालिका खटीमा में किये जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने की उद्देश्य से मेरे द्वारा 8 अलग-अलग विषयों पर
सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के माध्यम से माह अक्टूबर 2023 में सूचना मांगी गई थी। जिसकी अपील माननीय मुख्य सूचना आयुक्त देहरादून के कार्यालय में की गई थी जिसमें दिनांक 23.9.2024 को तीन एवं दिनांक 24.9.2024 को पांच अपीलों पर सुनवाई की गई, जिसमे मा0 आयोग द्वारा सूचना न दिए
जाने पर लोक सूचना अधिकारी श्री दीपक शुक्ला को तीनों सूचना अपील पर दो-दो हजार का अर्थ दंड लगाया गया है और एक माह में सूचना न देने पर 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया जायेगा। महत्वपूर्ण बात यह है
कि उक्त सभी सूचनाओं में श्री दीपक शुक्ला द्वारा अपनी भ्रष्टाचार वादी सोच को जिंदा रखने के लिए इन्होंने मेरे नाम का लेटर पैड बनवाकर उसमें मेरी तरफ से यह झूठा अभिकथन लिखने,
ओर मेरी तरफ से सभी सूचनाओं का अवलोकन करने तथा मुझे लिखित में कोई सूचना नहीं चाहिए का झूठा अभिकथन लिखकर उस पत्र को मा0 आयोग देहरादून के कार्यालय में सरकारी मेल आई.डी. से भेज दिया गया है।
जिसका खंडन मेरे द्वारा माननीय आयोग के कार्यालय में किया गया था। जिसके संबंध में मेरे द्वारा श्री दीपक शुक्ला कनिष्ठ लिपिक/प्रभारी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद खटीमा के विरुद्ध शिकायती पत्र जिलाधिकारी उधम सिंह नगर
, निदेशक शहरी विकास निदेशालय देहरादून एवं सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखंड देहरादून को किया गया है तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय उधम सिंह नगर को श्री दीपक शुक्ला के विरुद्ध मेरा फर्जी लेटर पैड बनवाने, उस पर झूठे अभिकथन लिखने व मेरी फर्जी मोहर बनवाकर
उस पर जाली हस्ताक्षर कर माननीय सूचना आयोग देहरादून के कार्यालय में भेजने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसके उपरांत मेरे द्वारा कनिष्ठ लिपिक/प्रभारी अधिशासी अधिकारी श्री दीपक शुक्ला के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में रिट याचिका दायर की जायेगी।